इटारसी। कला जब जुनून बन जाए, तो वह मिट्टी और अनाज के दानों में भी जान फूंक देती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है नर्मदापुरम के ग्राम सुपरली के हुनरमंद किसान योगेन्द्रपाल सिंह सोलंकी ने। उन्होंने अपनी अनूठी ‘अनाज कला’ के जरिए इटारसी के लाड़ले और भारतीय हॉकी टीम के उपकप्तान ओलंपियन विवेक सागर की एक बेहद जीवंत तस्वीर तैयार की है।
धान, तिल और अलसी से निखरा ‘हॉकी स्टार’ का चेहरा
योगेन्द्रपाल सिंह ने अपनी इस कलाकृति में किसी रंग या कूची का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि रसोई और खेतों में मिलने वाले अनाजों को माध्यम बनाया है। विवेक सागर की इस तस्वीर को बनाने में उन्होंने धान, रागी और राजगिरा, काले तिल, खसखस और अलसी जैसे विविध अनाजों का बारीकी से उपयोग किया है। इन दानों के प्राकृतिक रंगों से विवेक के चेहरे के हाव-भाव को जिस खूबसूरती से उकेरा है, उसे देख हर कोई दंग है।
पुतिन और मोदी के बाद अब विवेक की बारी
योगेन्द्रपाल सिंह अपनी इस कला के लिए देश-दुनिया में पहचाने जाते हैं। हाल ही में जब रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भारत आए थे, तब उन्होंने पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनाज से बनी तस्वीर बनाकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। वे अब तक देश-दुनिया के कई बड़े राजनेताओं की तस्वीरें बना चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने जिले के खेल रत्न विवेक सागर को सम्मानित करने का फैसला किया।
होम ग्राउंड पर खेल रहे विवेक को खास तोहफा
दिलचस्प बात यह है कि विवेक सागर इन दिनों अपने गृह नगर इटारसी में ही हैं और गांधी मैदान में चल रही अखिल भारतीय महात्मा गांधी स्मृति हॉकी प्रतियोगिता में अपनी टीम के साथ पसीना बहा रहे हैं। ऐसे में एक किसान कलाकार द्वारा अनाज के दानों से व्यक्त किया यह सम्मान विवेक के लिए किसी मेडल से कम नहीं है।
इनका कहना है…
अनाज हमारे जीवन का आधार है, और विवेक हमारे देश का गौरव। जब अनाज के दाने मिलकर एक खिलाड़ी की सूरत लेते हैं, तो यह उस मेहनत का सम्मान है जो एक किसान खेत में और एक खिलाड़ी मैदान में करता है।
योगेन्द्रपाल सिंह सोलंकी, किसान कलाकार









