इटारसी। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इटारसी की एनसीसी इकाई द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गरिमामय कार्यक्रमों का आयोजन किया। देशभक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन में कैडेट्स ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय गीत के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।
विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन
इस ऐतिहासिक अवसर पर एनसीसी कैडेट्स के लिए वंदे मातरम् क्विज प्रतियोगिता, गायन स्पर्धा तथा अन्य सृजनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कैडेट्स द्वारा किया गया सामूहिक गायन रहा। अनुशासनबद्ध तरीके से गाए इस गीत से पूरा महाविद्यालय परिसर देशभक्ति के स्वर से गुंजायमान हो उठा।
क्रांतिकारी इतिहास पर प्रकाश
प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए गीत के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गीत संस्कृत और बंगाली भाषा के मिश्रण से बना है, जिसके शुरुआती दो पद शुद्ध संस्कृत में हैं। यह पहली बार 1882 में बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंद मठ में प्रकाशित हुआ था। 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया था, जिसकी मूल धुन यदुनाथ भट्टाचार्य ने तैयार की थी। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणापुंज और सबसे शक्तिशाली नारा बना।
इस अवसर पर 13 एमपी बटालियन सूबेदार राकेश कुमार, एनसीसी अधिकारी डॉ. मनीष कुमार चौरे, विभागाध्यक्ष व स्टाफ डॉ. दिनेश कुमार भूगोल, डॉ. दुर्गेश लश्गरिया, संजीव कैथवास क्रीड़ा अधिकारी, कार्तिक पटेल, अंकित चौरे और अनिल चौरे मौजूद रहे।









