इटारसी। चीन के द्वारा भारत के विरुद्ध उठाए जा रहे युद्ध जैसे कदमों को देखते हुए सरस्वती विद्यालय मालवीयगंज में चीनी उत्पादकों के बहिष्कार की शपथ ली गई।
चीन द्वारा सिक्किम सीमा पर की जा रही दादागिरी के विरोध में चीन को सबक सिखाने के लिए विद्यालय की और से उठाया गया छोटा सा परन्तु बहुत महत्वपूर्ण कदम है चीनी उत्पादों को न खरीदने का प्रण लेना।
स्कूल की ओर से कहा गया है कि विद्यालय की संस्कृति के स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य है। चीन अपने उत्पाद भारत में बेचता है और भारत से जो कमाई होती है उसे भारत के ही खिलाफ अपने सैनिकों के लिए खर्च करता है, और कुछ भारतीय भी चीन का साथ देते हैं जो चीनी वस्तुओं को बड़े उत्साह से खरीदते हैं क्योंकि चीनी वस्तुओं अन्य भारतीय वस्तुओं की अपेक्षा सस्ती होती है। परंतु याद रखा जाना चाहिए कि चीनी वस्तुओं की कोई गारंटी नहीं होती वह कभी भी खराब हो सकती है। स्कूल प्रबंधन ने आमजन से भी निवेदन किया है कि वे ऐसी वस्तुओं का बहिष्कार करें और प्रण लें कि आज ही से चाईना के सामान जैसे खिलौने, राखियां, मोबाइल, सजावटी सामान और अन्य चीन निर्मित वस्तुओं को नहीं खरीदा जाएगा।
चीन के खिलाफ सरस्वती विद्यालय ने उठाया ये कदम
For Feedback - info[@]narmadanchal.com







