इटारसी। श्रीवृंदावन गार्डन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन ब्रजभूमि गोवर्धन से पधारी साध्वी राधा देवी ने भगवान के 24 अवतारों और श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि और भक्तों पर संकट आता है, तब-तब परमात्मा धरा पर अवतरित होकर उनका उद्धार करते हैं।
गिरिराज पूजन का उत्साह
कथा के दौरान साध्वी जी ने गोवर्धन पर्वत उठाने के प्रसंग को विस्तार से सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे सात वर्ष की आयु में प्रभु ने इंद्र का अहंकार चूर कर सात कोस के गिरिराज पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था। इस अवसर पर महामंडलेश्वर श्रीभैया दास जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सेवा, भजन और दान के महत्व पर प्रकाश डाला।
आयोजन और व्यवस्था
कथा आयोजक सेवन स्टार ग्रुप के जसवीर सिंह छाबड़ा ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 6 बजे तक चलने वाली इस कथा का उद्देश्य समाज में शांति और धार्मिक चेतना का विस्तार करना है। आयोजन में सोहागपुर से आए संतों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं।









