इटारसी। शहर की पहचान कहे जाने वाले इटारसी सरोवर की बदहाल स्थिति, मछलियों की मौत और रखरखाव के अभाव को लेकर आज वार्ड के प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेताओं के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर तीखा विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी ऋतु मेहरा से मुलाकात कर सरोवर की सफाई और कथित अवैध मछली बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
बदबू और गंदगी से स्थानीय लोग बेहाल
पिछले कई दिनों से सरोवर के पानी से उठ रही भयंकर दुर्गंध के कारण स्थानीय निवासियों और मॉर्निंग वॉक पर आने वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि बदबू इतनी तीव्र है कि वहां खड़ा रहना भी मुश्किल है। इसके साथ ही सरोवर में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे जल प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है।
अवैध मछली बिक्री और मेंटेनेंस पर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा। साथ ही, सरोवर से मछलियों की कथित अवैध बिक्री की शिकायतें भी सीएमओ के समक्ष रखी गईं।
ऑक्सीजन की कमी है मुख्य कारण
विश्वस्त सूत्रों और जल विशेषज्ञों के अनुसार, तालाब में पानी का स्तर अधिक होने के कारण ऑक्सीजन की कमी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए तालाब के जल स्तर को लगभग 3 फीट कम करना अनिवार्य है। पानी के शुद्धिकरण के लिए आवश्यक रसायनों का छिडक़ाव जरूरी है। यह स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
इस दौरान नगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मयूर जायसवाल, पूर्व पार्षद नीलेश मालोनिया, पार्षद अमित कापरे, एनएसयूआई प्रदेश महासचिव प्रतीक मालवीय, गोल्डी बैस, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव शम्मी जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष गौरव चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष सौम्य दुबे, अभिषेक साहू और निहाल ठाकुर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सीएमओ ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द ही सरोवर की सफाई कराई जाएगी और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समस्या का निराकरण किया जाएगा।









