इटारसी। जब साल की पहली किरण सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखलाओं को छू रही थी, तब पूरी वादी हर-हर महादेव के जयघोष से सराबोर थी। मौका था नूतन वर्ष 2026 के आगाज का, और स्थान था इटारसी से महज 17 किलोमीटर दूर स्थित आस्था का केंद्र तिलक सिंदूर। कहा जाता है कि सतपुड़ा का हर पत्थर शिव स्वरूप है, और गुरुवार की सुबह इस बात की गवाह बनी।
आस्था का सैलाब, सुबह 4 बजे से महादेव की पुकार
ठिठुरती ठंड भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं कर पाई। सुबह 4 बजे, जब दुनिया सो रही थी, तिलक सिंदूर के प्राचीन गुफा मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। बाबा भोलेनाथ का अभिषेक करने और नए साल का आशीर्वाद लेने के लिए करीब 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
- तिलक सिंदूर : अपनी प्राचीनता और प्राकृतिक भव्यता के लिए प्रसिद्ध।
- शरददेव मंदिर : यहां भी मेले जैसा माहौल रहा, जहां भक्तों ने माथा टेका।
स्थानीय रौनक : दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने पहाडिय़ों की सैर की और स्थानीय बाजारों में जमकर खरीदारी का लुत्फ उठाया।
सुरक्षा का सुरक्षा चक्र, मुस्तैद रही खाकी

इतनी भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्था का पहिया थमा नहीं। एसपी साई कृष्ण थोटा के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस प्रशासन ने एक दिन पहले ही मोर्चा संभाल लिया था। पथरौटा थाना प्रभारी संजीव पवार के नेतृत्व में टीम ने जीरो एरर मैनेजमेंट का परिचय दिया। लक्ष्य केवल भीड़ नियंत्रण नहीं, बल्कि हर श्रद्धालु की मुस्कान और सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
मैदान पर डटे रहे जांबाज
एएसआई दुर्गेश मालवी, कल्लू धुर्वे सहित मनोज, आकाश, जय प्रकाश पाठे और पूनम जैसी टीम ने पूरे परिसर को सुरक्षित घेरे में रखा, जिससे कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक समागम नहीं था, बल्कि प्रशासन की प्रतिबद्धता और जनता की अटूट आस्था का एक सुंदर संगम था। सतपुड़ा की गुफाओं से उठा महादेव का यह उद्घोष पूरे क्षेत्र में सकारात्मकता की ऊर्जा भर गया है।









