इटारसी। मध्य प्रदेश के ब्लॉक केसला के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों में पिछले दो महीनों से गहराते बिजली संकट ने ग्रामीणों और किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। हमारा गांव संगठन के बैनर तले ग्रामीणों ने कनिष्ठ अभियंता को पत्र सौंपकर आगामी तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
फसलें और शिक्षा प्रभावित
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 60 दिनों से क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो रही है। इस बिजली कटौती का सीधा असर क्षेत्रों पर पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। बोर्ड परीक्षाओं और पढ़ाई के समय बिजली न होने से छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। बिजली विभाग के प्रति ग्रामीणों में भारी नाराजी देखी जा रही है।
बिजली की समस्या से प्रभावित होने वाले मुख्य गांवों में भोबदा, साधपुरा, पिपरिया, सारादेह, कोहदा, लालपानी, रांझी, भातना, चांदकिया, खोहरा, चिचवानी और छितापुरा सहित आसपास के दर्जनों गांव शामिल हैं। हमारा गांव संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि 3 दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं की गई, तो समस्त ग्रामवासी और किसान मजबूर होकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि इस स्थिति में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना या अव्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी। इस शिकायत की एक प्रति उपखंड अधिकारी (राजस्व) इटारसी को भी प्रेषित की गई है ताकि मामले में त्वरित हस्तक्षेप किया जा सके।









