इटारसी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी और मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के आह्वान पर प्रदेश के किसानों की ज्वलंत समस्याओं और मांगों को लेकर ‘किसान जन आंदोलन यात्रा’ का शंखनाद होने जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में यह यात्रा जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी के नेतृत्व में दो चरणों में निकाली जाएगी।
तवानगर से होगा यात्रा का शुभारंभ
संगठन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यात्रा के प्रथम चरण की शुरुआत 5 जनवरी, सोमवार को तवानगर से होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में तवा जलाशय के विधि-विधान से पूजन के साथ किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 जनवरी से 10 जनवरी तक यह यात्रा नर्मदापुरम जिले की दो प्रमुख विधानसभाओं सिवनी मालवा और नर्मदापुरम के ग्रामीण अंचलों में पहुंचेगी।
किसानों की प्रमुख मांगें
इस यात्रा के माध्यम से किसान कांग्रेस ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य : गेहूं और धान के लिए 4000 रुपए प्रति क्विंटल तथा सोयाबीन के लिए 6000 रुपए प्रति क्विंटल की मांग।
- मुआवजा और कानून : भूमि अधिग्रहण पर बाजार मूल्य का 4 गुना मुआवजा देने और लैंड पूलिंग एक्ट को समाप्त करने की मांग।
- बुनियादी सुविधाएं : बिजली, पानी और मंडियों में सुधार के साथ-साथ नकली बीज व खाद बेचने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई।
- फसल सुरक्षा : जंगली जानवरों और आवारा मवेशियों से फसलों को होने वाले नुकसान का स्थायी समाधान।
विधानसभा घेराव की तैयारी
किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव जाकर किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में निकलने वाली इस यात्रा के बाद प्रदेश भर के किसानों के साथ मिलकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी किसान भाइयों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।









