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सरेराह गुंडागर्दी : जब सिस्टम ही होने लगा शर्मसार, क्या रस्म अदायगी बनकर रह जाएगी कार्रवाई?

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इटारसी। शहर की सड़कों पर हाथ ठेला लगाकर यातायात व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले फल विक्रेताओं की दबंगई अब कानून के रक्षकों पर भारी पडऩे लगी है। मंगलवार सुबह 11: 02 बजे तुलसी चौक पर जो मंजर दिखा, उसने प्रशासन के खौफ की पोल खोलकर रख दी। एक फल विक्रेता ने न केवल नगर पालिका कर्मचारी को सरेराह गालियां दीं, बल्कि उसे धमकाते हुए सरकारी काम में खुलेआम बाधा डाली। वीडियो वायरल होने के बाद अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस लाइलाज बीमारी का ठोस इलाज करेगा या फिर इसे भी रस्म अदायगी मानकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

दबंगई का वायरल, सच, नियम बताने पर मिलीं गालियां

अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर पालिका की टीम को उस समय भारी अपमान का सामना करना पड़ा, जब एक फल विक्रेता को सड़क से ठेला हटाने की हिदायत दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुकानदार ने सहयोग के बजाय कर्मचारी पर गालियों की बौछार कर दी। बीच चौराहे पर हुई इस बदतमीजी ने नपा के अमले का मनोबल तोड़ दिया है। मौके पर मौजूद नागरिकों का कहना है कि जब वर्दी और सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुध कौन लेगा?

तीन विभागों की फुटबॉल बनी व्यवस्था

शहर की बाजार व्यवस्था बिगडऩे के पीछे प्रशासन के तीन प्रमुख अंगों नगर पालिका, पुलिस और राजस्व विभाग के बीच तालमेल की कमी सबसे बड़ी वजह है। नगर पालिका कहती है कि उनके पास सुरक्षा बल नहीं है और अमले के साथ अभद्रता होती है। पुलिस दलील देती है कि उनके पास अन्य महत्वपूर्ण आपराधिक मामले और वीआईपी ड्यूटी है। राजस्व विभाग इसे पूरी तरह से नगर पालिका का स्थानीय मामला बताकर पल्ला झाड़ लेता है। विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा की त्रैमासिक बैठकों में दिए गए निर्देश के बाद चले अभियान केवल कुछ दिनों के दिखावटी अभियान तक सीमित रह जाते हैं। निरंतरता और गंभीरता के अभाव ने इन अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि अब वे अधिकारियों को चमकाने से भी गुरेज नहीं करते।

मंडी में चबूतरे खाली, सड़कों पर कब्जे वाली सियासत

हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका ने फल और सब्जी विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित चबूतरे बना रखे हैं, लेकिन ये चबूतरे खाली पड़े हैं। थोक विक्रेताओं की शह और पहुंच के दम पर जयस्तंभ चौक, नारियल बाजार, नीमवाड़ा, और एमजीएम चौराहे जैसे प्रमुख स्थानों को इन ठेले वालों ने बंधक बना लिया है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन दबंगों को जबरन मंडी भेजने की हिम्मत जुटा पाएगा?

आज की घटना के बाद खड़े होते तीखे सवाल

  • क्या होगी एफआईआर? : क्या नगर पालिका अपने कर्मचारी के सम्मान के लिए दुकानदार पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराएगी?
  • क्या टूटेगा साम्राज्य : थोक फल विक्रेताओं की शह पर चल रहे इस अवैध कब्जे के साम्राज्य को ध्वस्त किया जाएगा?
  • कब खत्म होगी रस्म अदायगी? : क्या यह कार्रवाई भी अगले दो दिन में ठंडी पड़ जाएगी? शहर के व्यापारी और आम नागरिक अब इस गुंडागर्दी से तंग आ चुके हैं। यदि आज इस दबंग फल विक्रेता पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में सरकारी अमले का बाजार में निकलना दूभर हो जाएगा।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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