इटारसी/भरूच। भक्ति, श्रद्धा और अटूट विश्वास के रंग में सराबोर होकर इटारसी का सिंधी समाज गुजरात के पावन तट से आशीर्वाद की पोटली लेकर लौटा है। गुजरात के भरूच स्थित साईं आसनलाल सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित झूलेलाल चालीहा महोत्सव का भव्य समापन हुआ, जहां इटारसी की झूलण सेवा समिति के नेतृत्व में पहुंचे दल ने अपनी आध्यात्मिक उपस्थिति दर्ज कराई।
वरुण अवतार की भक्ति का दिखा अनूठा उल्लास
महोत्सव का सबसे सौभाग्यशाली क्षण वह रहा जब श्रद्धालुओं को भगवान श्री झूलेलाल के 26 वें वंशज, ठकुर साईं मनीषलाल महाराज का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ। उनकी उपस्थिति में पूरा वातावरण जय झूलेलाल के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
इटारसी से गए 41 श्रद्धालुओं के दल ने समापन समारोह में विधि-विधान के साथ पल्लव साहिब और बहराणा साहब का निर्माण किया। भगवान वरुण देव की आराधना करते हुए जब श्रद्धालुओं ने अक्खा डाला, तो वहां मौजूद जनसमूह सुख-समृद्धि की मंगल कामना में लीन हो गया।
भजनों की स्वरलहरी से भावविभोर हुए श्रद्धालु
झूलण सेवा समिति के सदस्यों ने भक्ति भाव में डूबकर जब सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी, तो देश-विदेश से आए भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। भजनों की इस आध्यात्मिक सरिता ने सभी को नृत्य करने पर विवश कर दिया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने संत-महात्माओं के दर्शन कर धर्म-लाभ अर्जित किया।
इन श्रद्धालुओं ने संभाली जिम्मेदारी
समिति के अध्यक्ष वासुदेव खुरानी के नेतृत्व में गए इस दल में आस्था का उत्साह देखते ही बनता था। यात्रा में मुख्य रूप से महेश नंदवानी, गोपाल सिद्धवानी, महेश वलेचानी, मनोज रामचंदानी, महेश मनवानी, विशाल गंगलानी, नंदलाल चेलानी, इंदर शिवदासानी, पप्पू मालवीय एवं महिला मंडल की अनेक सदस्याएं शामिल रहीं।
आध्यात्मिकता के साथ राष्ट्र वंदन
अपनी इस धार्मिक यात्रा के पड़ाव में श्रद्धालुओं ने एकता के प्रतीक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण भी किया। केवडिया में सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा के समक्ष सभी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए प्रार्थना की।









