नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व से बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में गौर (Indian Bison) पुनर्स्थापन कार्यक्रम के द्वितीय चरण के तहत 27 गौरों को स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है। क्षेत्र संचालक ने जानकारी दी कि कुल 50 गौरों के स्थानांतरण की योजना में से पहले चरण (वर्ष 2024-25) में 23 गौर पहले ही सफलतापूर्वक भेजे जा चुके हैं।
इस पुनर्स्थापन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बांधवगढ़ के जंगलों में शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ाना और वहां की खाद्य-श्रृंखला को सुदृढ़ करना है। स्थानांतरण की यह पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक प्रोटोकॉल और वन्यजीव विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में संपन्न की जाएगी। विशेषज्ञों द्वारा चयनित सभी गौर पूर्णतः स्वस्थ हैं और स्थानांतरण के दौरान उनके स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा, ट्रैकिंग तथा रिलीज़ के बाद की निगरानी के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व वर्तमान में गौर संरक्षण के लिए एक प्रमुख ‘सोर्स पॉपुलेशन’ क्षेत्र के रूप में विकसित हुआ है। यहां से प्रदेश के अन्य अभयारण्यों में वन्यजीवों का स्थानांतरण जैव-विविधता को पुनर्जीवित करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह पहल न केवल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखेगी, बल्कि गौर संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को देश के एक आदर्श राज्य के रूप में भी स्थापित करेगी।








