सिवनी मालवा। विश्व वेटलैंड्स दिवस के अवसर पर सोमवार, 2 फरवरी 2026 को शासकीय कन्या महाविद्यालय में ईको क्लब के तत्वावधान में एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष के वैश्विक विषय आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान : सांस्कृतिक विरासत का उत्सव पर केंद्रित इस आयोजन का उद्देश्य छात्राओं को जल संरक्षण और पारिस्थितिक तंत्र के महत्व से रूबरू कराना था।
प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि आर्द्रभूमियां (वेटलैंड्स) केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला हैं। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन का आयोजन न मानकर अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
ईको क्लब प्रभारी डॉ. सतीश बालापुरे ने पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी ही इन प्राकृतिक धरोहरों को बचा सकती है। सह-प्रभारी डॉ. रजनीकांत वर्मा ने आर्द्रभूमियों को जैव विविधता का महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बताया और निरंतर शैक्षणिक गतिविधियों की आवश्यकता रेखांकित की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्राओं और प्राध्यापक वर्ग को पर्यावरण के लिए जीवन शैली के अंतर्गत विशेष शपथ दिलाई गई। इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक के त्याग, जल संचयन और ऊर्जा बचत जैसे संकल्प शामिल थे। इस अवसर पर डॉ. दुर्गा मीणा, डॉ. राकेश निरापुरे, डॉ. सीमा तोमर सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और ईको क्लब की छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।










