इटारसी। पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित शिव कथा के समापन दिवस पर देवी रत्नमणि द्विवेदी ने ओम नम: शिवाय मंत्र की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक मंत्र नहीं, बल्कि भगवान शिव की अनंत शक्ति और कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल मार्ग है।
मंत्र का रहस्य और अर्थ
देवी जी ने कथा के दौरान बताया कि ओम नम: शिवाय का अर्थ है, मैं शिव को नमस्कार करता हूं। यह भक्तों को महादेव के साथ सीधे जोड़ता है। इस मंत्र के रहस्य में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिमूर्ति) की शक्ति समाहित है। इस मंत्र का जाप पापों से मुक्ति, मोक्ष की प्राप्ति, मानसिक शांति और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कहा कि शांत चित्त होकर, शिव की महिमा पर ध्यान केंद्रित कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
कथा के समापन अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप स पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष जयकिशोर चौधरी, सेवानिवृत्त डॉ. मेजर पंकज मनी पहाडिय़ा, डॉ. ऋचा पहाडिय़ा, नपा उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत, योगेन्द्र सिंह राजपूत, विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र पटेल व शशांक मालवीय, और भाजपा नेत्री ममता मालवीय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।









