- अमृत सरोवर और खेत तालाबों का निरीक्षण, पीएचई अधिकारियों को गर्मी से पहले व्यवस्था चाक-चौबंद करने की हिदायत
इटारसी। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन ने आज विकासखंड केसला की विभिन्न ग्राम पंचायतों का सघन दौरा कर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। सीईओ ने शिक्षा, जल संरक्षण, प्रधानमंत्री आवास और नल-जल योजना के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस निरीक्षण दौरे के दौरान जनपद सीईओ केसला श्रीमती सुमन खातरकर सहित विभागीय अधिकारी, उपयंत्री एवं संबंधित पंचायतों के सचिव-जीआरएस मौजूद रहे।
एकलव्य स्कूल में बैठक और भाड़भूड में नल-जल कार्य का जायजा
दौरे की शुरुआत ग्राम पंचायत भरगदा स्थित एकलव्य स्कूल से हुई, जहां सीईओ ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर शैक्षणिक गतिविधियों और स्कूल परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद वे भाड़भुड़ पहुंचे, जहां पंचायत भवन के रखरखाव और निर्माणाधीन नल-जल योजना के कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन आम जनता की सुविधाओं का केंद्र होना चाहिए।
जल संरक्षण की ओर कदम, वाटरशेड और अमृत सरोवर
सीईओ श्री जैन ने ग्राम पंचायत कालाआखर और चारटेकरा में वाटरशेड योजना के अंतर्गत बन रहे खेत तालाबों का निरीक्षण किया।
कमलाबाई का अमृत सरोवर : विशेष रूप से कमलाबाई के खेत पर बने अमृत सरोवर का अवलोकन कर उन्होंने जल संचयन की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वाटरशेड के ये कार्य न केवल भू-जल स्तर बढ़ाएंगे बल्कि किसानों की आय का भी साधन बनेंगे।
पीएचई को निर्देश : गर्मी में न हो पानी की किल्लत
आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए सीईओ ने नया मल्लुपुरा, नया भाड़भूड और कालाआखर में नल-जल योजनाओं का विशेष निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी चालू योजनाओं की सतत निगरानी की जाए। आगामी गर्मी के सीजन में पेयजल आपूर्ति सुचारू रहे, इसके लिए अभी से बैकअप प्लान तैयार करें। तकनीकी खामियों को तत्काल दुरुस्त किया जाए।
आवास निर्माण और हितग्राहियों से सीधा संवाद
ग्राम पंचायत केसला और ताकू में निर्माणाधीन विकास कार्यों के साथ-साथ सीईओ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें प्रेरित किया कि वे अपने आवास का कार्य समय पर पूर्ण करें ताकि वे जल्द अपने स्वयं के घर में प्रवेश कर सकें।









