- सीनियर डीएससी के निर्देशन में आरपीएफ, सीआईबी और एसआईबी की कार्रवाई
- इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से लेकर आउटर तक अवैध वेंडर्स में मचा हड़कंप
इटारसी। जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों और स्टेशन परिसर में अनाधिकृत रूप से खाद्य सामग्री बेचने वाले अवैध वेंडरों और हॉकर्स के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल ने अब हाईटेक जंग छेड़ दी है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त भोपाल के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इटारसी आरपीएफ ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 41 अवैध वेंडरों को दबोचकर रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
आधुनिक तकनीक से सर्जिकल स्ट्राइक
आरपीएफ अब केवल लाठी और गश्त के भरोसे नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के दम पर वेंडरों पर नकेल कस रही है। इस अभियान में पहली बार ड्रोन कैमरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
- आउटर पर नजर : ड्रोन की मदद से इटारसी स्टेशन के आउटरों और उन संकरी जगहों की निगरानी की जा रही है, जहां पुलिस की पहुंच मुश्किल होती है।
- सीसीटीवी से पहचान : स्टेशन पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- आदतन अपराधियों की सूची : ड्रोन फुटेज के आधार पर उन वेंडरों की पहचान की जा रही है जो बार-बार पकड़े जाने के बाद भी अवैध धंधा नहीं छोड़ते। ऐसे संचालकों और वेंडरों पर अब कठोरतम कानूनी कार्रवाई की योजना बनाई गई है।
किन्नरों और अवैध वसूली करने वालों पर भी नकेल
आरपीएफ की इस विशेष टीम में मंडल स्तर के अधिकारी, सीआईबी, एसआईबी और इटारसी स्टाफ शामिल है। टीमों को अलग-अलग सेक्शन में तैनात किया है। अभियान के दौरान न केवल वेंडर, बल्कि ट्रेनों में यात्रियों से जबरन पैसे वसूलने वाले और परेशान करने वाले किन्नरों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वेंडर संचालकों में दहशत का माहौल
आरपीएफ की इस संयुक्त घेराबंदी से अवैध वेंडिंग के सिंडिकेट चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं। आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और अधिकृत सेवा मिल सके।
इनका कहना है…
रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। ड्रोन और सीसीटीवी की मदद से हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। शनिवार को 41 लोगों पर कार्रवाई की गई है, और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
— आरपीएफ अधिकारी, इटारसी








