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शुभम भदौरिया हत्याकांड : आया फैसला, आजीवन कारावास

शुभम भदौरिया हत्याकांड : आया फैसला, आजीवन कारावास

इटारसी। करीब 4 वर्ष पूर्व 20 सितंबर 14 में नाला मोहल्ला में हुई युवक शुभम भदौरिया की हत्या के मामले में आज फैसला आ गया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रीति सिंग ने फैसले में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास व 5-5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। एक आरोपी को आम्र्स एक्ट के मामले में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला व अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने की।
अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला ने बताया कि 20 सितंबर 2014 को बजरंगपुरा नाला मोहल्ला निवासी शुभम भदौरिया की अपने मित्र के साथ बाजार जाने के दौरान आरोपियों से हुए विवाद के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना नूर हक पब्लिक स्कूल के सामने हुई थी जब शहबाज खान अपनी बाइक से आया और शुभम भदौरिया से विवाद करके बोला की तू मेरी हंसी क्यों उड़ाता है? विवाद बढऩे पर शहबाज ने चाकू से शुभम के सीने व पेट पर हमला कर दिया, जिससे वह बेहोश होकर मौके पर ही गिर गया था। जब तक उसे अस्पताल लेकर पहुंचे वह मर हो चुका था। इस मामले में पुलिस ने शहबाज खान, राहुल व योगेश कैथवास के खिलाफ धारा 302 आईपीसी के तहत हत्या का मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया था।
हत्या के मामले में आरोपी शहबाज के साथ राहुल ने भी शुभम के कंधे पर चाकू से हमला किया था व योगेश ने उसे पकड़कर रखा था। इस विचाराधीन मामले में मुख्य आरोपी शहबाज खान की भी बाद में हत्या हो गई थी।
सोमवार को इस मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रीति सिंग ने फैसला सुनाया है, जिसमें शेष बचे हत्या के दो आरोपी राहुल पिता राजू उम्र 21 वर्ष व योगेश पिता अशोक उम्र 21 वर्ष को आजीवन काराबास की सजा व 5-5 हजार रूपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वही राहुल को 25 आर्म्सक के मामले में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपए की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में आरोपियों द्वारा अर्थदंड का भुगतान न करने पर 6 माह का कारावास बढ़ाई जाएगी।

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