महामृत्युंजय (Mahamrityunjaya) का पाठ करने पर रोगो से मिलती मुक्ति 

महामृत्युंजय (Mahamrityunjaya) का पाठ करने पर रोगो से मिलती मुक्ति 

इटारसी। देवो के देव महादेव के प्रिय महीने सावन के नवम दिन पर श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर (Shri Durga Navgrah Mandir) में भगवान शिव के पार्थिव स्वरूप का पूजन एवं रूद्राभिषेक किया गया। भगवान शिव को प्रसन्न करन के लिए श्रावण मास में पार्थिव स्वरूप का विशेष पूजन अर्चन किया जा रहा है। भोलेनाथ सभी देवों में सबसे सरल और भोले माने जाते है।
मुख्य आचार्य पं. विनोद दुबे ने संबोधित करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ को 108 बिलपत्र पर राम नाम लिखकर चढ़ाने से कई बंधनों से मुक्ति मिल जाती है। सावन के महीने में शिव मंदिर में रामचरितमानस (Ramcharit Manas) का पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। विद्या में प्रगति के लिए अरण्यकांड का पाठ करना चाहिए। महामृत्युंजय (Mahamrityunjaya) का पाठ करने से रोगो से मुक्ति मिलती है।
पं. विनोद दुबे ने कहा कि दूध से अभिषेक करने से पुत्र, गन्ने के रस से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। वहीं दही से अभिषेक करने पर पशु स्वस्थ रहते है। सावन मास में भगवान भोले 108 नामों का जाप करना चाहिए जिसके कारण सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

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