इटारसी। केसला ब्लाक का 13 वर्षीय बालक अपनी जान जोखिम में डालकर चलती ट्रेन से कूदा और अपहरणकर्ता के चुंगल से छूटा है। हौसले की यह कहानी है नर्मदापुरम जिले के 13 वर्षीय स्कूली छात्र की, जिसने मंगलवार को हुए अपने अपहरण के बाद, बदमाशों के चंगुल से निकलने के लिए मौत को चुनौती दे दी। बच्चे की असाधारण सूझबूझ और हिम्मत ने न सिर्फ उसे अपहरणकर्ताओं से बचाया, बल्कि एक बड़े खतरे को भी टाल दिया।
स्कूल जाते वक्त हुआ अपहरण
घटना मंगलवार की है, केसला थाना क्षेत्र के ग्राम जामुनडोल का 13 साल का यह छात्र रोज की तरह कालाआखर स्कूल जाने के लिए निकला था। रास्ते में घात लगाए बैठे अज्ञात बदमाशों ने उसे अगवा कर लिया। अपहरण के बाद, आरोपी बच्चे को बाइक पर बैठाकर सीधे इटारसी रेलवे स्टेशन ले आए।
चलती ट्रेन से लगाई जानलेवा छलांग
अपहरणकर्ताओं का इरादा बच्चे को ट्रेन के माध्यम से जिले से बाहर ले जाने का था। उन्होंने छात्र को एक ट्रेन में बैठा दिया। मगर, इस 13 साल के जांबाज बच्चे के दिमाग में भागने का प्लान चल रहा था। स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद, जैसे ही ट्रेन ने गति पकडऩे से पहले धीमी रफ्तार पकड़ी, छात्र ने एक पल की भी देर न करते हुए चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। ट्रेन से कूदने के कारण बच्चे के सिर में गंभीर चोट आई, लेकिन उसकी यह जानलेवा हिम्मत रंग लाई। वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हो गया।
जीआरपी बनी देवदूत, परिजनों को सौंपा
बच्चे को घायल अवस्था में देखकर जीआरपी इटारसी ने तत्परता दिखाई। जवानों ने तुरंत बच्चे को उठाया और उसका प्राथमिक उपचार कराने के लिए इटारसी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद, जीआरपी ने बच्चे से विस्तृत पूछताछ कर उसके परिजनों का पता लगाया। सूचना मिलते ही देर शाम परिजन, सरपंच दुर्गेश धुर्वे और सुमित सेलूकर तत्काल जीआरपी थाना इटारसी पहुंचे। बच्चे को सकुशल परिजनों को सौंप दिया। बच्चे की इस बहादुरी और सूझबूझ की चारों तरफ सराहना हो रही है।
फिलहाल, पुलिस अज्ञात अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुट गई है और पूरे मामले की जांच कर रही है। जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे के अनुसार बच्चे ने उसे बाइक पर लाने की बात कही है, उसके बयान लेकर परिजनों को सौंप दिया है। मामला केसला के जामुनडोल का है, अत: यह केस केसला पुलिस को भेजा गया गया है। रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं ताकि अपहरणकर्ताओं की पहचान हो सके।









