इटारसी। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तिलक सिंदूर में सर्व आदिवासी समाज द्वारा भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग को ‘बड़ादेव’ मानकर पारंपरिक साज-बाज, ढोलक और टिमकी के साथ महाआरती संपन्न की गई। प्रत्येक रविवार को होने वाली इस महाआरती के पश्चात आदिवासी संगठन के सदस्यों ने समाज के गरीब परिवारों की सहायता हेतु विशेष बैठक आयोजित की।
बैठक में प्रतिवर्ष होने वाले निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समिति सदस्य सम्मिलित हुए। सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस वर्ष 29 अप्रैल को भव्य विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससे पूर्व 26 से 28 अप्रैल तक ‘भूमका प्रशिक्षण’ कार्यक्रम होगा, जिसमें प्रशिक्षित भूमका समिति के सदस्यों द्वारा ही विवाह की रस्में पूर्ण कराई जाएंगी।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मात्र एक सम्मेलन नहीं है, बल्कि सगा समाज, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से एक बेटी का विवाह परिवार के रूप में मिलकर संपन्न करने का प्रयास है। लक्ष्य यह है कि सामूहिक विवाह का अनुभव बिल्कुल घर जैसा आत्मीय हो। आदिवासी सेवा समिति तिलक सिंदूर एवं जिला नर्मदापुरम के समस्त सामाजिक संगठनों ने क्षेत्रवासियों से इस पुनीत कार्य में तन-मन-धन से सहयोग करने की अपील की है।









