केसला, रितेश राठौर। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विकासखंड केसला में सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सोमवार, 30 दिसंबर 2025 को विकासखंड के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों और महिलाओं को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में गूंजी शपथ
अभियान के क्रम में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय केसला में एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। यहां बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने संकल्प लिया कि वे न तो बाल विवाह का समर्थन करेंगे और न ही इसे अपने समाज में होने देंगे। शिक्षकों और विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि कम उम्र में विवाह होने से न केवल शिक्षा बाधित होती है, बल्कि यह स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए भी एक गंभीर खतरा है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सरिता राठौर, आशा कार्यकर्ता श्रीमती किरण श्रीवास, आशा सहयोगिनी जया नायक सहित विद्यालय का शिक्षक स्टाफ मौजूद रहा।
लालिमा दिवस पर महिलाओं ने उठाई आवाज
इसी अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र ओझापुरा में लालिमा दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिलाओं और किशोरी बालिकाओं ने भागीदारी की। परियोजना पर्यवेक्षक सुश्री वंदना ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बाल विवाह को एक सामाजिक कुरीति बताया और सभी को इसके विरुद्ध एकजुट होने की शपथ दिलाई। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना, देवकी, नर्मदीबाई एवं स्थानीय शिक्षक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने जोर दिया कि समाज को सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए किशोरियों का आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है।
कुप्रथा मुक्त भविष्य का संकल्प
केसला विकासखंड में चलाए जा रहे इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त कर आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। प्रशासन और स्थानीय कार्यकर्ताओं के इस साझा प्रयास से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।









