इटारसी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत वार्षिक कैलेंडर के अनुसार माह अक्टूबर में वार्ड 2 में सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना बस्तावर के मार्गदर्शन में बालिका जन्मोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान एक या दो बेटियों वाले परिवारों को गौरव पत्र प्रदान करने और घर की पहचान बेटी के नाम से नेम प्लेट लगाने संबंधी गतिविधियां भी संपन्न हुई।
परिवार नियोजन और बालिकाओं का सम्मान
कार्यक्रम में परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने वाले परिवारों का विशेष सम्मान किया गया। प्रथम बालिका के जन्म के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाली श्रीमती पूजा/कृष्णा राजपूत तथा दो बालिकाओं के उपरांत परिवार नियोजन अपनाने वाली श्रीमती बबीता/जीवनलाल चौरे को गौरव पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राएं तहरीन खान एवं पूनम चौरे को प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बालिका संगीता/चन्द्रशेखर प्रसाद का जन्मोत्सव भी हर्षोल्लास से मनाया गया। बालिकाओं के जन्म पर मिठाई वितरण किया गया और घर की पहचान बेटी के नाम से नेम प्लेट प्रदान कर समाज में बालिका के सम्मान और पहचान का संदेश दिया गया।
योजना के उद्देश्य पर प्रकाश
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. मनीष श्रीवास्तव एवं डॉ. ज्योति कटारे ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य लिंगानुपात में सुधार लाना, बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन देना, उनके शिक्षा अधिकार को सशक्त करना तथा उन्हें समाज में समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि बालिकाएं केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला होती हैं।
परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने बताया कि इस योजना का प्रमुख उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना, भेदभाव समाप्त करना और बालिकाओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने उपस्थित जनों से बालिकाओं के शिक्षा अधिकार, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्रीमती रेखा चौराहे, श्रीमती अर्चना वस्त्रवार सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान सभी ने यह संकल्प लिया कि बेटी बोझ नहीं, गर्व है, और हर घर में बेटी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।








