- केसला बीईओ ने शासकीय कार्यालयों और स्कूलों में वीडियो बनाने पर लगाई रोक
रितेश राठौर केसला। अब सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में ड्यूटी के दौरान फिल्मी गानों पर रील बनाना या वीडियो शूट करना महंगा पड़ सकता है। जनजातीय विकासखंड केसला के शिक्षा अधिकारी ने सरकारी संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए एक कड़ा आदेश जारी किया है, जिसके बाद कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
कर्तव्य से खिलवाड़ पड़ा भारी
अक्सर देखा जा रहा था कि कुछ कर्मचारी और शिक्षक ड्यूटी के घंटों के दौरान सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाने में मशगूल रहते थे। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि शासकीय समय जनसेवा और शिक्षण के लिए है, न कि सोशल मीडिया पर मशहूर होने के लिए।
आचरण नियमों का दिया हवाला
जारी दिशा-निर्देशों में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का हवाला देते हुए बताया गया है कि कार्य अवधि में फिल्मी गानों पर वीडियो बनाना या उन्हें प्रसारित करना पूरी तरह वर्जित है। यह कृत्य सरकारी आचरण नियमों के विपरीत है और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन संस्थानों पर लागू होगा आदेश
यह कड़ा फरमान केसला विकासखंड के अंतर्गत आने वाले समस्त शासकीय कार्यालयो, विद्यालयों, छात्रावासों और आश्रमों के लिए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि रील बनाने की शौकिया गतिविधि अगर कार्य के समय पाई गई, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।









