इटारसी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय, सुखतवा में आज राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का 56 वॉ स्थापना दिवस ‘मैं नहीं आप’ के आदर्श वाक्य को साक्षी मानकर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
इस अवसर पर, महाविद्यालय के प्राचार्य और संरक्षक डॉ. नीता राजपूत ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को सशक्त बनाने और निस्वार्थ भाव से सेवा करना सिखाती है। उन्होंने बताया कि यह योजना विद्यार्थियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित करती है और इसके तहत श्रमदान, स्वच्छता अभियान, बाल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई सामाजिक जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सतीश ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व और सेवा के गुणों का विकास करती है। उन्होंने कहा कि अपने आप को जानने का यह सशक्त माध्यम है। विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. हिमांशु चौरसिया ने स्वयंसेवकों को समाज सेवा के जरिए अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने ‘स्वच्छता ही सेवा है’ की शपथ ली। स्वयंसेविका शिवानी धुर्वे, रविंद्र चौहान और रवि सुरेश सेलुकर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे एनएसएस की गतिविधियां उनके अंदर नेतृत्व, अनुशासन, समय प्रबंधन और समाज सेवा जैसे गुणों का विकास करती हैं।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, प्राचार्य के नेतृत्व में गोद ग्राम रसैल पाठा के प्राथमिक स्कूल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ के संदर्भ में पौधारोपण किया। महाविद्यालय परिसर में भी साफ-सफाई और पौधारोपण किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी छात्र तपिश सोलंकी ने किया, जबकि डॉ. धीरज गुप्ता ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी (छात्रा इकाई) डॉ. राधा आशीष पांडे, सहायक प्राध्यापक श्रीमती कामधेनु पटोदिया, संध्या उपाध्याय, डॉ. सौरभ तिवारी, डॉ. प्रवीण कुशवाहा, डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।









