इटारसी। सावन मास में सतपुड़ा पर बोल बम, जय भोले, बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। तिलक सिंदूर नामक स्थान पर हर रोज बड़ी संख्या में भोले के भक्त बाबा के दर्शन, पूजन, अभिषेक करने पहुंचे रहे हैं। सैंकड़ों कांवडिय़े नर्मदा जल लेकर पैदल तिलक सिंदूर जाते सड़कों पर दिख रहे हैं, इनमें महिला, पुरुष, बच्चे शामिल हैं।
सावन सोमवार को तिलक सिंदूर में भक्तों का मेला लगा रहा। द्वितीय सावन सोमवार को हजारों की संख्या श्रद्धालु पहुंचे। यहां तिलक सिंदूर समिति के सदस्यों ने भक्तों के स्वागत और सम्मान में सेवा की। मीडिया प्रभारी विनोद वारिवा ने बताया कि यहां भगवान भोलेनाथ के भक्त शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाते हैं। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु अभिषेक, पूजा अर्चना करने दूध, बेल पत्ती, धतूरा लेकर पहुंचते हैं। द्वितीय सोमवार को भी लगभग 30 हजार श्रद्धालु तिलक सिंदूर पहुंचे। ग्राम भीलाखेड़ा के युवा जितेन्द्र सोलंकी की पूरी टीम नर्मदा से जल भर पैदल यात्रा तिरंगा लहराते हुए इटारसी, तरोंदा होते हुए पहुंची। एक वक्त यहां इतनी भीड़ हो गई कि श्रद्धालुओं को बाहर से ही दर्शन करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यहां जिन शासकीय सेवकों की ड्यूटी लगाई गई है वे ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। थाना पथरोटा से 4 पुलिस तैनात किया था लेकिन यहां और बल की जरूरत है। आगामी सोमवार को पुलिस बल बढ़ाकर भेजा जाना चाहिए ताकि श्रद्धालु ठीक दर्शन कर सकें। यहां थाना पथरोटा के पुलिस बल एवं समिति के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाला जिसमें तिलक सिंदूर समिति खटामा-अमांडा पंचायत, डोबी तालपुरा ने ग्रामीण ने मिलकर फलाहारी साबूदाने से बने प्रसाद का वितरण किया।
ग्राम भट्टी के ग्रामीणों ने फलाहारी प्रसाद वितरण किया गया, महाराष्ट्र से आयी एक टीम ने प्रसाद वितरण किया। तिलक सिंदूर समिति से नारायण बाबरिया, जनपद सदस्य सुनील नागले, सरपंच डोरीलाल चीचाम, सचिव ज्योति चिमानिया, विनोद वारिवा, शंकर उईके, संजू तुमराम, अभिषेक तुमराम, राहुल नागले, सुरेन्द्र कलमे, भट्टी से अमित चौधरी, विष्णु वर्मा, बंटी मेहरा, रानू मेहतो, किशोरी गालर, सरवन कहार आदि उपस्थित रहे।










