सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक नया रक्षक मैदान में उतर चुका है। संजय टाइगर रिजर्व, सीधी से आए जांबाज डॉग अपोलो ने अब सतपुड़ा की वादियों की जिम्मेदारी संभाल ली है।
इटारसी। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था अब और भी चाक-चौबंद होने जा रही है। रिजर्व की मशहूर डॉग टीना के बाद अब एक और शिकारी शिकारी डॉग अपोलो ने अपनी आमद दर्ज करा दी है। संजय टाइगर रिजर्व (सीधी) से ट्रांसफर होकर आए अपोलो का नर्मदापुरम पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।
विशेष आदेश पर हुई अपोलो की तैनाती
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा एवं उप संचालक ऋषिभा सिंह नेताम के विशेष प्रयासों और आदेशानुसार, अपोलो को विधिवत कार्यवाही पूरी कर सीधी से नर्मदापुरम लाया गया है। अपोलो की तैनाती का मुख्य उद्देश्य रिजर्व में अवैध शिकार, वन्यजीव तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखना है।
फूल-मालाओं से हुआ जोरदार स्वागत

इटारसी के सूरजगंज बांस डिपो में जब अपोलो पहुंचा, तो माहौल किसी उत्सव जैसा था। सहायक संचालक बोरी अभयारण विनोद वर्मा, रिटायर्ड डिप्टी रेंजर केएल गुर्जर और अन्य स्टाफ ने अपोलो को फूल-मालाएं पहनाकर उसका स्वागत किया।
हैंडलर टीम : अपोलो की इस यात्रा और नई तैनाती में डॉग हैंडलर पदम सिंह राजपूत, सेवराम उइके और सीधी से आए रवि सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
क्यों खास है अपोलो का आना?
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अपनी विषम भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। ऐसे में इंसानी गश्त के साथ-साथ स्निफर डॉग्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
- सूंघने की अद्भुत क्षमता : अपोलो वन्यजीवों के अंगों की तस्करी और जंगल में छिपे शिकारियों को खोजने में माहिर है।
इनका कहना है…
वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अपोलो के आने से हमारी सर्विलांस टीम को तकनीकी और जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।
विनोद वर्मा, सहायक संचालक बोरी अभयारण









