नर्मदापुरम। अगर आप किसी विरोध प्रदर्शन के नाम पर सड़क जाम करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। नर्मदापुरम पुलिस ने अब सड़क घेरने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिले के पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की राह में रोड़ा बनने वालों को अब कानून का कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
पुलिस का स्पेशल-4 प्रहार, अब ऐसे कसेगा शिकंजा
नर्मदापुरम पुलिस ने चक्काजाम से निपटने के लिए एक चतुष्कोणीय रणनीति तैयार की है।
- – हिस्ट्रीशीटर रडार पर : पिछले 5 सालों में चक्काजाम के मास्टरमाइंड रहे लोगों की लिस्ट तैयार है। इन पुराने खिलाडिय़ों को अब थानों में हाजिरी देनी होगी और शांति बनाए रखने के लिए भारी-भरकम बाउंडओवर भरना होगा।
- – तीसरी आंख का पहरा : अब चक्काजाम की हर गतिविधि की हाई-डेफिनिशन वीडियोग्राफी होगी। भीड़ में छिपकर पत्थरबाजी या नारेबाजी करने वाले अदृश्य चेहरों को वीडियो के जरिए पहचान कर सीधे एफआईआर में नामजद किया जाएगा।
- – दंगा नियंत्रण दस्ता मुस्तैद : चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस केवल लाठी लेकर नहीं, बल्कि बलवा सामग्री और भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचेगी। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए प्रशासन पूरी तरह लैस है।
पर्दे के पीछे वाले खिलाड़ी सावधान
पुलिस की खुफिया विंग उन असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रख रही है जो भोले-भाले लोगों को चक्काजाम के लिए उकसाते हैं। उकसाने वालों पर कठोरतम कानूनी गाज गिरना तय है। नर्मदापुरम पुलिस ने अपील की है कि किसी भी समस्या के लिए वैधानिक तरीका अपनाएं। कानून हाथ में लेना आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। सड़क जाम करना अब केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि आपकी जेल की राह भी बन सकता है।
इनका कहना है…
विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन आम जनता का रास्ता रोकना अपराध है। एम्बुलेंस से लेकर स्कूल बस तक, किसी का भी रास्ता रोकने वालों के साथ पुलिस कोई नरमी नहीं बरतेगी।
साईंकृष्ण थोटा, एसपी









