इटारसी/भोपाल। भारत मौसम विज्ञान विभाग, भोपाल द्वारा जारी दैनिक मौसम विवरण के अनुसार, मध्य प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। इंदौर जिले में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगांव (छतरपुर) और शिवपुरी जिलों में शीतलहर का असर देखा गया।
पिछले 24 घंटों का मौसम (13-14 नवंबर)
- अधिकतम तापमान : प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में अधिकतम तापमानों में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों के जिलों में ये सामान्य से 1.7-2.8 डिग्री सेल्सियस तक कम रहे।
- न्यूनतम तापमान : न्यूनतम तापमानों में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। भोपाल और इंदौर संभागों में ये सामान्य से 5.4-5.9 डिग्री सेल्सियस तक विशेष रूप से कम रहे। उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और सागर संभागों में सामान्य से 3.3-4.5 डिग्री सेल्सियस तक काफी कम रहे।
- सबसे ठंडा और गरम शहर : प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान शहडोल (कल्याणपुर) में 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सर्वाधिक अधिकतम तापमान खजुराहो (छतरपुर) में 31.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
- 5 सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले शहर : शहडोल (7.2 डिग्री सेल्सियस), शिवपुरी (8.0), राजगढ़/इंदौर/नौगांव (8.2), उमरिया/शाजापुर (8.6), रीवा (8.8)।
आगामी 24 घंटे का पूर्वानुमान
मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। शीतलहर की चेतावनी कहीं-कहीं जारी की गई है। शीतलहर की संभावना वाले प्रमुख जिले भोपाल, राजगढ़, इंदौर, सीहोर, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, और मैहर हैं।
आम जनता के लिए सुझाव (शीतलहर से बचाव)
शीतलहर के प्रभाव से हाइपोथर्मिया या गंभीर स्थिति गैंग्रीन (त्वचा का पीला, सख्त और संवेदनशून्य होना) हो सकती है।
- गर्माहट बनाए रखें : अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैरों की उंगलियों को दस्ताने, टोपी, मफलर और जल रोधी जूते जैसे पर्याप्त गर्म कपड़ों से अच्छे से ढंके।
- घर के अंदर रहें : शीतलहर के दौरान जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहें।
- पोषण और पेय पदार्थ : पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन करें और शरीर की प्रतिरक्षा के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। नियमित रूप से गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें।
- चिकित्सीय सहायता : ठंड से प्रभावित अंगों में संवेदनशून्यता, सफ़ेद/पीले पड़े हाथ-पैर जैसे पहले लक्षण पर ही डॉक्टर से सलाह लें। कंपकपी, बोलने में दिक्कत, या सांस लेने में दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सीय सहायता लें।
किसानों के लिए विशेष सलाह
- खेत की सिंचाई और धुआं : शीतलहर आने से पहले खेत में हल्की सिंचाई करें ताकि मिट्टी का तापमान बना रहे। रात के समय खेत के किनारों पर सूखी पत्तियां या भूसा जलाकर धुआं करें।
- फसलों की सुरक्षा : आलू, टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, सरसों जैसी नाजुक फसलों को पुआल, घास या प्लास्टिक शीट से ढकें। सब्जी नर्सरी को पॉलीथीन शीट या घास से ढंककर रखें।
- पशुधन की देखभाल : पशुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए बंद या आंशिक बंद गोठ में रखें। उन्हें गुनगुना पानी दें और गुड़, तेलखली, दाना आदि ऊर्जावान चारा खिलाएं।
अगले 5 दिनों (14 नवंबर से 18 नवंबर 2025) के बीच मौसम पूर्वानुमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं है और शीतलहर की चेतावनी जारी रहने की संभावना है।







