इटारसी। गौवंश तस्करी के बदलते तरीकों के बीच, गौसेवकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। इटारसी के कांदई ग्राम के पास से अवैध रूप से गौवंश भरकर ले जाई जा रही दो पिकअप वाहनों को हिन्दू महाशक्ति संघ के जिला ग्रामीण अध्यक्ष भीम यादव और कांदई ग्राम सरपंच की मुस्तैदी से पकड़ा गया। इन वाहनों से करीब 15 से 16 गौमाताओं को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया।
गौतस्करों पर लागू गौवंश संवर्धन और सुरक्षा कानून
मध्य प्रदेश सरकार ने गौवंश तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए हाल ही में मध्य प्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम 2024 लागू किया है, जिसे गौवंश संवर्धन और सुरक्षा कानून के नाम से भी जाना जाता है।
नए कानून के तहत मुख्य प्रावधान
- सजा का प्रावधान : गौ तस्करी करते पकड़े जाने वाले आरोपी के लिए 7 साल तक की कड़ी जेल की सजा का प्रावधान है।
- वाहन राजसात : तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी राजसात (जब्त) करने का सख्त प्रावधान है।
- कलेक्टर कोर्ट में याचिका : इस कानून के तहत लिप्त पाए जाने वाले आरोपी सिर्फ कलेक्टर कोर्ट में ही अपनी याचिका लगा सकेगा।
- गैर जमानती अपराध : गौ तस्करी से संबंधित अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती माना गया है।
रात के अंधेरे में भागे तस्कर
ग्रामीणों और गौसेवकों ने दोनों वाहनों – एमपी 05 जी 6194 और एमपी 04 जी 4009 को गांव में रोक लिया। इस दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर लगभग 6 से 7 गौ तस्कर भागने में सफल रहे। वाहनों में गौवंशों के लिए भूसा भी भरा था।
रामपुर थाना प्रभारी विपिन पाल ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वाहन मालिक का पता लगाकर आरोपियों की जानकारी ली जाएगी और नए कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी साथी गौसेवक गुर्रा थाने पहुंचे, जहां गुर्रा थाना प्रभारी द्वारा आगे की जांच जारी है।
गौसेवकों की मुस्तैदी ने बदली तस्करी की राह
मुख्य सडक़ों पर सख्ती बढऩे के बाद गौवंश तस्करों ने अब गांवों और जंगल के रास्ते छिपकर तस्करी शुरू कर दी है। इसी कारण गौरक्षक टीम और गांव के लोग इन रास्तों पर लगातार कड़ी नजर रखे हुए थे। हिन्दू महाशक्ति संघ की इस मुस्तैदी के कारण ही यह बड़ी तस्करी पकड़ी जा सकी, जिसने साबित कर दिया कि तस्करी का रास्ता चाहे जो भी हो, गौसेवकों की चौकसी अब हर जगह बढ़ गई है।









