- ग्वालियर-चंबल में फसलों को भारी नुकसान, नर्मदापुरम, जबलपुर संभागों में तूफानी बारिश की आशंका
भोपाल/इटारसी। बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर अब मध्य प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय हुए निम्न दबाव के क्षेत्रों के कारण, प्रदेश में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते दिन और रात के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है और ठंड का असर बढ़ेगा।
प्रदेश के इन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा असर
चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण डिप्रेशन, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हो गई हैं।
- भारी बारिश का अलर्ट : मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम जिसमें इटारसी भी शामिल है, जबलपुर और ग्वालियर संभागों के कई जिलों में बारिश की आशंका जताई है। विशेष रूप से जबलपुर और नर्मदापुरम में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
- फसलों को नुकसान : ग्वालियर-चंबल अंचल में लगातार बारिश से धान, मक्का और टमाटर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। शिवपुरी, दतिया और भिंड जैसे जिलों में 60 से 90 प्रतिशत तक फसलें बर्बाद हो गई हैं।
- तापमान में गिरावट : बारिश और बर्फीली हवाओं के कारण अगले दो-तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे प्रदेश में अक्टूबर में ही कड़ाके की ठंड महसूस होने लगेगी।
किसानों और नागरिकों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
- फसलों की सुरक्षा : किसान अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खुले में रखी उपज को भीगने से बचाएं।
- सुरक्षित रहें : नागरिकों को तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से बचने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।








