इटारसी। ग्राम गजपुर के किसान और अधिवक्ता ज्ञानेन्द्र उपाध्याय को उनकी भूमि संबंधी फाइल आज मिल गई हैं। एक दिन पूर्व ही पांच माह तक लगातार परेशान होने के बाद ज्ञानेन्द्र उपाध्याय ने तहसील कार्यालय के सामने धरना दिया और दो दिन में फाइल मिलने पर 51 हजार रुपए की राशि की घोषणा की थी। आज दूसरे ही दिन तीन फाइल उनको कार्यालय बुलाकर सौंप दी है। उपाध्याय ने फाइल मिलने पर तहसीलदार श्रीमती सुनीता साहनी का आभार व्यक्त किया है।
अपनी फाइलें लेने के बाद किसान ज्ञानेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मेरी जमीन बंटवारा, नामांतरण संबंधी प्रकरण यहां चल रहा था। इसकी फाइलों के लिए पांच माह से भटक रहा था। सीएम हेल्प लाइन, जन सुनवाई और वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन के बावजूद जब फाइलें नहीं मिलीं तो मजबूरी में धरना जैसा और पुरस्कार घोषणा जैसा कदम उठाना पड़ा है, अब फाइल मिल गई हैं।
घोषणा पर अमल को तैयार
ज्ञानेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि वे अपनी 51 हजार रुपए देने की घोषणा पर अमल करने को तैयार हैं, शासन आदेश करे कि यह राशि किसे, कहां देनी है। हालांकि उन्होंने कहा कि पांच माह की देरी स्पष्ट रूप से यहां के प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है, बावजूद इसके फाइल मिली है तो मैं अपनी घोषणा के अनुसार राशि देने को तैयार हूं।








