- – मर्ग जांच के बाद पुलिस ने पांच के खिलाफ किया मामला दर्ज
- – दोस्ती का फायदा उठाकर लिए दस लाख, वापस देने आनाकानी
- – बार-बार मांगने पर बनाते रहे बहाना, युवक ने की आत्महत्या
इटारसी। अपने ही दस लाख रुपए उधार देकन वापस नहीं मिलने पर बजरंगपुरा (Bajrangpura) निवासी एक युवक ने 15 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व युवक ने एक पत्र में पांच लोगों का नाम लिखकर बताया था कि इनके दस लाख रुपए उधार दिये थे, वापस मांगने पर ये लोग नहीं दे रहे हैं, परेशान होकर उसे आत्महत्या करनी पड़ रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया और जांच के उपरांत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला पंजीबद्ध कर लिया है।
पुलिस (Police) से मिली जानकारी के अनुसार बजरंगपुरा निवासी संजीव (Sanjeev) पिता सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) 43 वर्ष ने 15 अक्टूूबर 23 को आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पास से एक पत्र मिला था जिसमें उसने जिक्र किया था कि आरोपियों को दस लाख रुपए दिये थे, वापस मांगने पर तीन साल से लगातार बहानेवाजी कर रहे हैं, परेशान होकर उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ रहा है। पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज किया।
जमीन के पैसे मिले थे
संजीव के पिता को अपनी जमीन रेलवे लाइन (Railway Line) के लिए अधिग्रहण होने पर 50 लाख रुपए मिले थे। संजीव और आरोपी विजय (Vijay) उर्फ बिल्लू पिता नंदकिशोर वर्मा (Nandkishore Verma) आपस में अच्छे मित्र थे और उनकी परिवारिक मित्रता थी। संजीव का कहना था कि इसी का फायदा उठाकर संजीव से विजय और उसके परिवार के सदस्य भाई अजय (Ajay) पिता नंदकिशोर वर्मा, संजय (Sanjay) पिता नंदकिशोर वर्मा, कविता ((Kavita)) पिता नंदकिशोर वर्मा, पार्वती (Parvati) पति नंदकिशोर वर्मा, सभी निवासी बजरंगपुरा ने अलग-अलग रुपए लिए। किसी ने एक लाख, किसी ने पचास हजार सहित अलग-अलग रुपए उधार लिये और वापस मांगने पर तीन साल से बहाने बनाते रहे।
संजीव के पिता लगातार उसे पैसे वापसी के लिए कहते रहे और वर्मा परिवार बहानेवाजी करता रहा। संजीव अपने पिता को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा था और आखिरकार पैसे नहीं मिलने पर परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पत्र और मामले की जांच के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा 306, 34 का प्रकरण पंजीबद्ध किया है।









