---Advertisement---

मनुष्य जीवन परमात्मा को प्राप्त करने के लिए मिला : तिवारी

By
On:
Follow Us

इटारसी। मधुर मिलन सेवा समिति के तत्वावधान में मालवीयगंज में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक पं. भगवती प्रसाद तिवारी ने कहा कि मनुष्य जीवन परमात्मा को प्राप्त करने के लिए मिला है। मनुष्य को वेद शास्त्र, उपनिषद, रामायण, गीता, भागवत पढ़कर सुनकर अपने जीवन को धन्य बनाने का प्रयास अवश्य करना चाहिए।

श्रीमद्भागवत कथानुसार आचार्य महामुनि सतगुरु श्री शुकदेव जी महाराज ने सम्राट परीक्षित जी को समझाया कि प्रत्येक मनुष्य मात्र को परमात्मा के ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास अवश्य ही करना चाहिए। इसके लिए कुछ समय निकालकर स्वाध्याय, सत्संग, जप, तप, ध्यान, संयम, त्याग अवश्य ही करना चाहिए। सत्संग दिव्य जीवन का मार्गदर्शन प्रदान करता है। सत्संग की महिमा है साधारण मनुष्य के जीवन में भी दिव्यता आ जाती है। परमात्मा कहीं और नहीं है, जहां तुम हो वहीं उसका अनुभव हो सकता है।

सच्ची श्रद्धा, भक्ति, विश्वास के साथ दृढ़तापूर्वक साधना, उपासना सदाचार शिष्टाचार का पालन करते रहें जितने तुम एकांत में रहते हो, उतने शांत रहते हो, जो अप्राप्त है, उसे पा लेना कठिन नहीं है, परन्तु जो प्राप्त है, उसे खोकर फिर प्राप्त करना अत्यधिक कठिन हो जाएगा। संसार की नश्वर वस्तुओं को फिर से वापस पाया भी जा सकता है लेकिन दिव्य, देव दुर्लभ मनुष्य शरीर दोबारा प्राप्त करना बहुत कठिन हो जाएगा। संसार में कोई भी मनुष्य सर्व गुण संपन्न नहीं होता है, इसलिए कुछ कमियां को नजरंदाज करते हुए अपने घर परिवार, रिश्ते निभाते हुए जीवन बिताएं।

संसार में मनुष्य धन की कमी दुखी नहीं है, प्रभु ध्यान की कमी से दुखी हैं और रहेगा। ईश्वर अनुभूति के बिना मनुष्य पूर्ण रूप से सुखी नहीं हो सकता है। कितना बड़ा धनवान हो लेकिन, सच्ची भक्ति के बल पर ही सदा सर्वदा सुख, शांति, आनंद को प्राप्त कर सकते हैं।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

For Feedback - info[@]narmadanchal.com
Join Our WhatsApp Channel

Leave a Comment

error: Content is protected !!
Narmadanchal News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.