इटारसी। रेलवे अपने हर प्रकार के यात्रियों के लिए सुविधा देने का प्रयास कर रहा है। इसी श्रंखला में मध्यप्रदेश के कुछ रेलवे स्टेशनों पर दृष्टि दिव्यांगों के लिए ब्रेल लिपि में सूचना पटल बनाये गये हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, मप्र के प्रमुख रेल जंक्शन इटारसी, बीना में ऐसी ही सुविधा प्रारंभ की गई है।
मंडल रेल प्रबंधक सौरभ बंदोपाध्याय के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल रेल प्रशासन ने दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं और सेवाओं में सुधार की दिशा में नए अभिनव विचारों को लागू करने में हमेशा अग्रणी एवं प्रयासरत रहा है। इसी दिशा मे कार्य करते हुए करते हुए भोपाल मंडल के प्रमुख स्टेशनों-भोपाल, इटारसी, गुना पर दृष्टि दिव्यांग यात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एवं अन्य सुविधाओं की पहचान करने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म, एफओबी और रेलिंग पर ब्रेल सामान्य चिन्ह, सीढिय़ों पर परावर्तक पट्टियां, स्टेशन के ब्रेल मानचित्र, पूछताछ काउंटर पर ब्रेल सूचना पुस्तिकाएं, सांकेतिक भाषा में स्टेशन के बारे में वीडियो देखने के लिए क्यूआर कोड, पोर्टेबल रैंप तथा दिव्यांग कोच में चढऩे के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
ये सुविधाएं दृष्टि बाधित लोगों, व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले लोगों और सुनने में अक्षम लोगों को यात्रा के दौरान दूसरों पर निर्भरता को कम करके स्वतंत्र रूप से और सम्मान के साथ यात्रा करने में सहायक हो रही हैं। दृष्टि दिव्यांग लोगों को आसानी से और न्यूनतम बाहरी सहायता के साथ सशक्त बनाने के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन में प्लेटफॉर्म संकेतक और ब्रेल के साथ सामान्य संकेतक, ब्रेल इंडिकेटर, जिसमें प्लेटफॉर्म इंडिकेटर्स, लिफ्ट साइन्स की ओर रास्ता, टिकट काउंटर साइन्स और अन्य गाइडिंग साइंस शामिल हैं, सभी एफओबी पर लगाए हैं।
प्रतीक्षालय, लिफ्ट, पानी और शौचालय सहित सभी प्रमुख कार्यालयों को कवर करने वाले सामान्य साइनेज लोगों को दृश्य, श्रवण शक्ति प्रदान करने के लिए दो मुख्य प्रवेश द्वारों पर बुकिंग कार्यालयों के पास दो ब्रेल मानचित्र स्थापित किए गए हैं।
प्लेटफार्मों के लिए ब्रेल संकेतकों की स्थापना से दृष्टि दिव्यांग यात्रियों को सही प्लेटफॉर्म और सुविधाओं को खोजने में निर्भरता कम हो रही है। ब्रेल में सामान्य संकेत दृष्टि दिव्यांग लोगों को पुरुष और महिला शौचालय, पुरुष और महिला प्रतीक्षालय, दिव्यांग शौचालय, क्लॉक रूम जैसी आवश्यक सुविधाओं की पहचान करने में मदद मिल रही है।