- नगरपालिका अध्यक्ष ने किया अभिनंदन, इटारसी की धरोहर और वन्य जीवन पर विशेष चित्र श्रृंखला बनाएंगे चित्रांगद
इटारसी। यह इटारसी नगर के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फोटो-जर्नलिस्ट और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर चित्रांगद कुमार का नाता इस शहर की मिट्टी से बेहद गहरा है। हाल ही में अपने अल्प प्रवास पर इटारसी पहुंचे चित्रांगद कुमार का नालंदा स्कूल प्रबंधन ने स्वागत किया और उनकी एक दिवसीय फोटो प्रदर्शनी आयोजित की गई।
इटारसी से गहरा पारिवारिक जुड़ाव
चित्रांगद कुमार के दादाजी इटारसी रेलवे में कार्यरत थे, वहीं उनके पिता स्व. चेतराम ने दिल्ली में यूजीसी में रहते हुए इटारसी के एमजीएम कॉलेज के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि चित्रांगद की शिक्षा-दीक्षा दिल्ली में हुई, लेकिन इटारसी के प्रति उनका प्रेम अटूट है। नालंदा स्कूल में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. पीएम पहारिया, एड. रमेश के साहू और प्रो. केएस उप्पल भी उपस्थित थे।
नगर दर्शन सीरीज : श्री चौरे के आग्रह पर चित्रांगद कुमार ने आश्वासन दिया कि वे इटारसी नगर के विविध रंगों पर आधारित एक विशेष चित्र श्रृंखला तैयार कर नगरपालिका को सौंपेंगे।
धार्मिक धरोहर : उन्होंने पूड़ी लाइन स्थित प्राचीन शंकर मंदिर का अवलोकन किया और वहां की मूर्तिकला से प्रभावित होकर उन पर भी एक फोटो सीरीज बनाने का निर्णय लिया है।
1000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के विजेता
वर्ष 1994 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले चित्रांगद कुमार आज फोटोग्राफी जगत का एक बड़ा नाम हैं।
उपलब्धियां : उन्होंने अब तक 1000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं।
- वर्ल्ड रैंकिंग : वे वर्ष 2004 से 2014 तक अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड रैंकिंग की टॉप-20 सूची में शामिल रहे हैं।
- संगठन : वे रॉयल फोटोग्राफिक सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फोटोग्राफिक आर्ट फ्रांस’ जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हैं।
- संस्थापक : उन्होंने वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की स्थापना की, जो ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को निशुल्क फोटोग्राफी सिखाकर उन्हें आजीविका से जोडऩे का कार्य कर रही है।
कला और साहित्य का संगम

चित्रांगद कुमार अब तक 34 से अधिक एकल प्रदर्शनियां कर चुके हैं, जिनमें रोमानिया, बेल्जियम, जर्मनी और हांगकांग जैसे देश शामिल हैं। उनकी तीन प्रमुख पुस्तकें, ‘एलिफेंट्स फेस्टिवल’, ‘तीज’ और ‘भारतीय महिलाएं’ प्रकाशित हो चुकी हैं।
अगला पड़ाव : अगले माह भोपाल के प्रसिद्ध भारत भवन में उनके फोटोग्राफ्स की एक विशाल प्रदर्शनी आयोजित होने जा रही है, जो प्रदेश के कला प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगी।









