नयी दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अगले 15 वर्षों में 100 से अधिक उपग्रहों को लॉन्च करने की एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। यह कदम देश की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाया गया है, विशेष रूप से पृथ्वी अवलोकन, संचार और नेविगेशन के क्षेत्र में।
यह जानकारी 23 अगस्त 2025 को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ के अवसर पर सामने आई, जब इसरो ने ‘विजन 2047’ के तहत अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया।
मुख्य उद्देश्य
- पृथ्वी अवलोकन (Earth Observation): भारत की भूमि, जल और पर्यावरण की निगरानी के लिए।
- संचार (Communication): बेहतर और तेज संचार नेटवर्क स्थापित करने के लिए।
- नेविगेशन (Navigation): स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली ‘नाविक’ को और मजबूत करने के लिए।
- राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security): सीमा और तटीय क्षेत्रों की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए।
विशेष बातें
- इसरो के अध्यक्ष, डॉ. वी. नारायणन ने बताया है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारतीय निजी अंतरिक्ष उद्योग की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। वर्तमान में भारत में लगभग 350 निजी अंतरिक्ष कंपनियां हैं जो इस मिशन में इसरो की मदद करेंगी।
- इसरो की योजना में केवल उपग्रह ही नहीं, बल्कि नई और उन्नत प्रक्षेपण तकनीकों का प्रदर्शन करने के लिए 16 प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन भी शामिल हैं।
- इसरो की यह योजना न केवल भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी बढ़ावा देगी, क्योंकि इस मिशन में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
- यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक बड़ा कदम है और यह भविष्य में कई नए अवसरों और नवाचारों का मार्ग प्रशस्त करेगा।









