इटारसी। छत्तीसगढ़ निवासी जोहर पार्टी प्रमुख अमित बघेल द्वारा सिंधी समाज के इष्ट देव भगवान श्री झूलेलाल जी और संपूर्ण सिंधी समाज पर की गई कथित अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में इटारसी का सिंधी समाज उग्र हो गया है। पूज्य पंचायत इटारसी सिंधी समाज ने आज 3 नवंबर 2025 को अपनी सारी दुकानें बंद रखीं और एफआईआर की मांग को लेकर एक ज्ञापन राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एसडीओपी और टीआई को दिया।
सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल सहित अन्य पूजनीय महापुरुषों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने को लेकर आज सोमवार को इटारसी में सिंधी समाज ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने आक्रोश रैली निकाली, पुतला दहन किया और बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते थाने पहुंचे।
बाजार बंद, आक्रोश रैली और पुतला दहन
विरोध प्रदर्शन के चलते सुबह से ही सिंधी कॉलोनी और आसपास के बाजारों में सिंधी समाज के प्रतिष्ठान बंद रहे। समाज के लोगों ने सिंधी कॉलोनी सिंधु भवन से जयस्तंभ चौक तक आक्रोश रैली निकाली। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘अमित बघेल मुर्दाबाद’ और ‘भगवान झूलेलाल अमर रहें’ जैसे नारे लगाए। जयस्तंभ चौक पर सिंधी समाज ने अमित बघेल के पुतले को जूते-चप्पलों की माला पहनाकर दहन किया। दोपहर बाद एसडीओपी वीरेंद्र कुमार मिश्रा और टीआई गौरव बुंदेला के आश्वासन पर ही दुकानें खोली गईं। एसडीओपी ने समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा कर अमित बघेल के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। पुतला दहन के बाद प्रदर्शनकारी थाना इटारसी पहुंचे और एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा है कि अमित बघेल लगातार भगवान झूलेलाल, महाराज अग्रसेन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे पूजनीय व्यक्तित्वों पर अशोभनीय टिप्पणी कर रहे हैं। समाज ने अमित बघेल पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान कुछ समाजजनों ने अमित बघेल का मुंह काला करने वाले को 1.5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की। ज्ञापन सौंपने वालों में समाज के अध्यक्ष धर्मदास मिहानी, सचिव मनीष वसानी, कोषाध्यक्ष विजय परवानी, कैलाश नवलानी, मोहन मोरवानी, गोपाल सिद्धवानी, श्याम शिवदासानी, मोहनलाल चेलानी, भोजराज मूलचंदानी, राहुल चेलानी, अनिल मिहानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
इनका कहना है
सिंधी समाज की शिकायत प्राप्त हो गई है, कुछ ऑडियो भी सौंपे गये हैं, ज्ञापन राज्यपाल और मुख्यमंत्री के यहां भेजा जाएगा। मामले की जांच की जा रही है और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील है।
वीरेन्द्र मिश्रा, एसडीओपी








