नर्मदापुरम। अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रज्वलित अखंड दीप के 100 वर्ष पूर्ण होने और वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में, बसंत पंचमी का पर्व शताब्दी महोत्सव के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
ऐतिहासिक महत्व, अखंड दीप के 100 वर्ष
गायत्री परिवार के लिए यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिला समन्वयक अनुराग मिश्रा ने बताया कि सन् 1926 में बसंत पर्व के दिन ही पूज्य गुरुदेव ने वह अखंड दीपक प्रज्वलित किया था, जो आज 100 वर्षों से अनवरत जल रहा है। इसी दीपक की साक्षी में गुरुदेव ने 24-24 लाख के 24 महापुरश्चरण संपन्न किए थे।
शक्तिपीठ में दो दिवसीय विशेष आयोजन
बसंत पंचमी पर गायत्री शक्तिपीठ में आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। प्रथम दिवस प्रात: काल से अखंड जप और संध्या समय में भव्य दीप महायज्ञ, बसंत पर्व मुख्य दिवस पर 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना के साथ आहुतियां प्रदान कीं। यज्ञ के दौरान गुरु दीक्षा, विद्यारंभ, नामकरण, अन्नप्राशन और विवाह जैसे विभिन्न मांगलिक संस्कार वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराए।









