- नर्मदा के जल से किया भोलेनाथ का अभिषेक, सोमवार को श्रद्धालुओं ने की भोले की आराधना
इटारसी। शिव की आराधना का पर्व श्रावण मास के दूसरे सोमवार को शहर एवं आसपास से ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने कावड़ यात्रा निकाल बम बम भोले की जय हो उसके साथ भगवान शिव का नर्मदा जल से अभिषेक किया। श्रावण मास के प्रथम दिन से ही भगवान भोलेनाथ की आराधना में लोग डूबे हैं।
आज श्रावण मास के दूसरे सोमवार को शिव की आराधना के लिए श्रद्धालुओं ने कावड़ में जल भरकर बम-बम भोले, के जय घोष करते हुए कावड़ यात्रा निकाली और भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। सुबह से शाम तक शिव मंदिरों में पूजा अर्चना अभिषेक करने वालों की भीड़ लगी रही, वहीं अनेक श्रद्धालु कावड़ यात्रा के रूप में भोलेनाथ के दरबार में पहुंचे और नर्मदा जल से शिव का अभिषेक किया।
सावन के दूसरे सोमवार को शहर के सभी शिव मंदिरों में भगवान शिव की पूजा अर्चना अभिषेक किए। तालाब के सामने स्थित भोले मंदिर, पूड़ी लाइन स्थित शिव मंदिर, एलआईसी ऑफिस के समीप स्थित शिव मंदिर, राठी दाल मिल के पास स्थित शिव मंदिर, ग्रैंड एवेन्यू कॉलोनी में स्थित शिव मंदिर, जनता बेकरी की समीप स्थित पशुपतिनाथ मंदिर, वार्ड नंबर 12 गरीबी लाइन से शिव मंदिर देवल मंदिर पुरानी इटारसी सहित शहर के सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शाम होते ही महिलाओं की भजन मंडलियां मंदिरों में भजन के माध्यम से शिव की आराधना में लगी रहीं। कुल मिलाकर समूचे शहर में सुबह से लेकर रात तक हर-हर महादेव के स्वर लहरिया घूमती रहीं।
शहर से 20 किलोमीटर दूर सतपुड़ा की पहाडिय़ों पर स्थित है भगवान शिव का अति प्राचीन शिवलिंग गुफा में स्थित हैं, इस स्थान को तिलक सिंदूर के नाम से जाना जाता है यह पहला शिवलिंग है जहां भगवान शिव को सिंदूर चढ़ता है। गुफा में स्थित भगवान भोलेनाथ के प्राकृतिक शिवलिंग की पूजा अर्चना और अभिषेक करने के लिए भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आठ दिनों से हो रही भारी वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई, सुबह गिरते पानी में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में जुटे रहे। यह पहला अवसर है जब श्रावण मास का शुरुआत सोमवार दिन से हुई और श्रावण मास की पूर्णिमा भी सोमवार को ही आ रही है यह दुर्लभ संयोग 72 साल बाद आया है।
निकली कावड़ यात्राएं
इसके साथ ही सावन के पवित्र माह के दूसरे सोमवार को सोना सावरी नाका क्षेत्र से सामूहिक रूप से महिलाएं कावड़ और कलश में जल भरकर पशुपति धाम मंदिर पदयात्रा करते हुए पहुंची और भोलेनाथ का जल से अभिषेक किया। इसी तरह समीपस्थ ग्राम बाईखेड़ी निवासी करीब आधा सैंकड़ा महिलाएं कावड़ यात्रा के साथ भी पशुपति धाम पहुंची हैं। बीजासन माता मंदिर सेवा समिति महर्र्षि नगर से भी बड़ी संख्या में महिला पुरुष कावड़ यात्रा के रूप में पशुपति धाम मंदिर पहुंचे हैं।
श्रावण मास के तीसरे सोमवार 5 अगस्त को देवल मंदिर समिति नर्मदा तट से पवित्र नर्मदा जल भरकर कावड़ यात्रा के रूप में शरद देव बाबा पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का नर्मदा जल से अभिषेक करेंगे। कुल मिलाकर सावन मास के इस पवित्र पर्व पर चार और भगवान शिव की आराधना में श्रद्धालु तल्लीन दिखाई दे रहे हैं।










