इटारसी। श्रमिकों के शोषण और उनके हक का वेतन रोकने वाली कंपनियों के खिलाफ मध्य प्रदेश श्रम विभाग ने एक कड़ा संदेश दिया है। इटारसी स्थित रुध्दा फूड्स, कीरतपुर में कार्यरत उत्तर प्रदेश और बिहार के 6 श्रमिकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला था, जिसके बाद श्रम विभाग ने न केवल त्वरित कार्रवाई की, बल्कि कंपनी से बकाया लाख रुपए की पूरी राशि वसूल कर सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में जमा करवाई।
तुरंत एक्शन, मिला न्याय

मामला तब सामने आया जब पीडि़त श्रमिकों ने स्थानीय श्रम कार्यालय में वेतन न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही सहायक श्रमायुक्त, नर्मदापुरम संभाग, ने इसे गंभीरता से लिया और क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षक साहू ने बिना किसी देरी के अनावेदक संस्थान रुध्दा फूड्स पर दबाव बनाया और बकाया वेतन की वसूली सुनिश्चित की। इस तत्परता का नतीजा यह रहा कि 6 श्रमिकों का 6 लाख रुपए का रुका हुआ वेतन कुछ ही दिनों में उन्हें वापस मिल गया। श्रमिकों ने श्रम विभाग की इस कार्रवाई पर गहरा संतोष व्यक्त किया है।
कंपनी मालिकों को स्पष्ट चेतावनी
श्रम विभाग की इस त्वरित और सफल कार्रवाई को उन कंपनियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है जो श्रमिकों के अधिकारों का हनन करती हैं और उन्हें समय पर वेतन देने से चूकती हैं। अधिकारियों ने कहा कि श्रम विभाग श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी किसी भी संस्थान द्वारा वेतन रोकने या श्रमिकों के शोषण की शिकायत मिलने पर इतनी ही सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।









