इटारसी। न्यास कॉलोनी स्थित साईं विद्धा मंदिर स्कूल के कक्षा 5 से 8 के छात्रों के लिए आयोजित एजुकेशनल एक्सकर्शन पखवाड़े के तहत सोमवार का दिन अविस्मरणीय रहा। बच्चों ने विज्ञान की गूढ़ सच्चाइयों से लेकर मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और देश के वीर सैनिकों के शौर्य को करीब से जाना।
साइंस सेंटर में क्रायोप्रिजर्वेशन और डायनासोर की दुनिया
भ्रमण की शुरुआत रीजनल साइंस सेंटर से हुई, जहां बच्चों ने एसएलडी (साइंस डिमोस्ट्रेशन लेक्चर शो) में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रत्यक्ष प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान के कई रोचक पहलुओं को न सिर्फ देखा, बल्कि उनमें स्वयं हिस्सा लेकर आंदोलित हुए। बच्चों ने नाइट्रोजन के क्रायोप्रिजर्वेशन तकनीक का उपयोग, आईवीएफ में जर्मसेल्स का संरक्षण, और आधुनिक चिकित्सा में स्टेम सेल्स के संरक्षण की जानकारी प्राप्त की।
स्कूल संचालक आलोक गिरोटिया ने बताया कि बच्चों ने जीवविज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित प्रारूपों को स्वयं संचालित किया। उन्होंने दर्पण के विभिन्न रूपों से मनोरंजन किया, रासायनिक प्रतिक्रियाएं देखीं, और यह भी जाना कि मीसोजोइक एरा में मांसाहारी (कार्नीवोरस) और शाकाहारी (हर्बीवोरस) डायनासोर का वर्चस्व कैसे था।
जनजातीय संग्रहालय में संस्कृति के रंग
रीजनल साइंस सेंटर के बाद, उप-प्राचार्य मनीषा गिरोटिया के अनुसार, बच्चों को मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय ले जाया गया। यहां की आकर्षक कलाकृतियों और साज-सज्जा को देखकर बच्चे बहुत खुश हुए। उन्होंने मध्यप्रदेश की लगभग 46 जनजातियों के पूर्ण रूप से बसाए गए घरों, उनके रहन-सहन, धार्मिक और सांस्कृतिक रिवाजों के तरीकों को जाना। बच्चों ने जनजातियों के युद्ध कौशल और दैनिक उपयोग की व्यवस्थित वस्तुओं की जानकारी प्राप्त की।
शौर्य स्मारक पर देश प्रेम की भावना
दिन का समापन शौर्य स्मारक पर हुआ, जो देश के दुश्मनों से हमारी हिफाजत करने वाले वीर सैनिकों को समर्पित है।
यहां बच्चों ने जल, थल और वायुसेना के रणबांकुरों की निस्वार्थ सेवा और तत्परता के बारे में जाना। उन्होंने सभी सेना प्रमुखों की जानकारी के साथ, सेना के शौर्य की गाथा कहते विशाल शौर्य स्तंभ का भी भ्रमण किया। संचालक आलोक गिरोटिया ने बताया कि ऐसे ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों की जानकारी का विस्तार होता है, साथ ही उनकी देशप्रेम, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जिज्ञासा को भी बढ़ावा मिलता है, जिससे वे अधिक उत्साह से अध्ययन कार्य करते हैं।









