भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है। उत्तर भारत से सक्रिय हुए एक नहीं, बल्कि चार मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अगले 48 घंटों में प्रदेश में न केवल ठंड बढ़ेगी, बल्कि कोहरे की घनी चादर भी छा सकती है। मौसम विभाग ने 14 से अधिक जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है, जिससे यातायात पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अगले 48 घंटे का अलर्ट,कोहरा और तापमान में गिरावट
वर्तमान में, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान पर बने चक्रवाती घेरे का सीधा असर मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर पड़ रहा है।
मौसम विभाग के प्रमुख अपडेट
- कोहरे का रेड जोन : ग्वालियर-चंबल संभाग (ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया) में कोहरे का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा। इसके अलावा, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली सहित करीब 14 जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
- ठंड का स्तर : उत्तरी हवाओं के कारण इन जिलों में दृश्यता बहुत कम हो सकती है, वहीं न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है, जिससे ठिठुरन महसूस होगी।
- शीतलहर से आंशिक राहत : हालांकि, अगले दो-तीन दिनों के लिए शीतलहर चलने की चेतावनी नहीं है, लेकिन न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा, जिससे कड़ाके की ठंड महसूस होगी।
जेट स्ट्रीम का सीधा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जो लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जेट स्ट्रीम की सक्रियता मिलने पर ठंड का असर दोगुना हो जाता है।
वर्तमान तापमान की स्थिति
- पचमढ़ी : प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है।
- बड़े शहर : राजधानी भोपाल में न्यूनतम पारा 7 डिग्री, इंदौर में 6.4 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री, और ग्वालियर तथा उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
17 दिसंबर के बाद बड़ा बदलाव
मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि 17 दिसंबर की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इस सिस्टम के प्रभाव से न केवल ठंड दोबारा जोर पकड़ेगी, बल्कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना भी बन सकती है, जिससे गलन वाली ठंड बढ़ जाएगी। यात्रियों के लिए सलाह कोहरे की स्थिति को देखते हुए, खासकर ग्वालियर-चंबल बेल्ट में, यात्रियों को सुबह के समय यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।








