इटारसी। मध्य प्रदेश विधानसभा के वर्तमान सत्र के दौरान नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने ध्यानाकर्षण सूचना और प्रश्नकाल के माध्यम से दो अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
डॉ. शर्मा ने नियम 138(1) के तहत ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक-406 के माध्यम से तकनीकी शिक्षा विभाग में पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेज के अतिथि व्याख्याताओं की समस्याओं को उठाया। विधायक ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि विद्वानों को 12 माह का मानदेय और 50,000 रुपये प्रति माह दिया जा रहा है, जबकि तकनीकी शिक्षा विभाग में केवल 11 माह का मानदेय और 50,000 रुपये से कम राशि दी जा रही है? उन्होंने सदन को अवगत कराया कि महिला अतिथि विद्वानों को सवैतनिक अवकाश का लाभ भी नहीं मिल रहा है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने लिखित उत्तर में बताया कि वर्तमान में 2000 रुपए प्रति कार्य दिवस, अधिकतम 50,000 रुपए मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि व्याख्याताओं को 12 माह की अवधि के लिए आमंत्रित करने और महिला व्याख्याताओं को प्रसूति सुविधा प्रदान करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
परख में जमाकर्ताओं का पैसा डूबने का मुद्दा
डॉ. शर्मा ने इटारसी की परख साख सहकारी मर्यादित समिति पर नागरिकों की जमा राशि वापस न करने का गंभीर मामला उठाया। डॉ. शर्मा ने सहकारिता मंत्री से पूछा कि विगत वर्षों में कलेक्टर और विभाग को इस संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और अब तक दोषियों के खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि इस संबंध में कुल 3 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
जानकारी दी कि नर्मदापुरम में 22 अक्टूबर 2025 को विस्तृत जांच हेतु एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा द्वारा विधानसभा में उठाए गए इन दोनों मुद्दों से जहाँ एक ओर प्रदेश के हजारों तकनीकी शिक्षकों में न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं नर्मदापुरम के उन निवेशकों को भी राहत मिलने की संभावना है जिनकी मेहनत की कमाई सहकारी समिति में फंसी हुई है।









