इटारसी। यहां के न्यास कालोनी निवासी एक 26 वर्षीय युवक आरिफ खान चिश्ती ने वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को अपनी किडनी दान करने की इच्छा जताई है। आरिफ ने अपनी इस इच्छा को लेकर एक पत्र और ई-मेल भी भेजा है।
समर्पण की वजह आरिफ के अनुसार, कवि अमीर खुसरो के समर्पण पर आधारित एक 30 सैकंड के वीडियो ने उन्हें संत प्रेमानंद से इतना प्रभावित किया कि उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया। आरिफ ने कहा, ‘मैं रहूं या न रहूं, लेकिन समाज को जोडऩे वाले ऐसे संतों का रहना बहुत जरूरी है।’
कौन हैं आरिफ खान चिश्ती?
न्यास कॉलोनी के रहने वाले आरिफ एक ऑनलाइन कंसल्टेंसी पेशेवर हैं और उन्होंने बीए तक की पढ़ाई की है। वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। वे तंजीम इस्लाहुल मुसलमीन संस्था के माध्यम से लावारिस शवों का कफन-दफन करने का नेक काम करते हैं।
संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायी कैसे बने
इटारसी के आरिफ खान चिश्ती ने बताया कि करीब छह महीने पहले उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज का एक प्रवचन सुना था। यह प्रवचन प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो के अपने गुरु के प्रति अटूट समर्पण पर आधारित था। आरिफ के अनुसार, इस प्रवचन को सुनकर उन्हें महसूस हुआ कि प्रेमानंद महाराज एक सच्चे संत हैं, जो भक्ति के माध्यम से समाज को एकजुट करते हैं। प्रवचन के दौरान ही उन्हें यह जानकारी मिली कि महाराज की दोनों किडनियां खराब हैं और उनका डायलिसिस चल रहा है। इसी के बाद उन्होंने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया।








