नर्मदापुरम। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर, जिला नर्मदापुरम में डायल 112 की टीम की कार्यकुशलता और जनसेवा क्षमता को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। डायल 112 में पदस्थ पायलटों और ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और महत्व
- जीवनरक्षक तकनीकी दक्षता बढ़ाना : इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों की जान बचाने के लिए पुलिस कर्मचारियों को सक्षम और तत्पर बनाना है।
- प्रशिक्षण में शामिल विषय : प्रशिक्षक चिकित्सकों ने कर्मचारियों को हृदयगति रुकने पर सीपीआर देने की विधि, श्वास पुन: प्रारंभ करने की प्रक्रिया और प्राथमिक उपचार (फस्र्ट एड) की उपयोगी जानकारी दी।
- व्यवहारिक अभ्यास : प्रशिक्षण के अंत में सभी उपस्थित कर्मचारियों को सीपीआर का व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया, साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
- आयोजन और प्रगति मार्गदर्शन : यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साई कृष्णा (भापुसे) के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम अभिषेक राजन के निर्देशन में आयोजित किया गया है।
- प्रशिक्षित थाने : अब तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में थाना इटारसी, पिपरिया, बनखेड़ी, सोहागपुर, पथरौटा, केसला, तवानगर, सिवनी मालवा एवं शिवपुर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
- आगे की योजना : शेष थानों के डायल 112 स्टाफ का प्रशिक्षण आगामी दिनों में पूरा किया जाएगा। यह प्रशिक्षण डायल 112 की आपातकालीन सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








