इटारसी। आज शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय इटारसी में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिवस इसरो (ISRO) के ऐतिहासिक चंद्र मिशन की सफलता के सम्मान में हर साल 23 अगस्त को मनाया जाता है।
कार्यक्रम का विषय और उद्देश्य
इस वर्ष का विषय “आर्यभट्ट से गगनयान: प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाओं तक” था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जागरूक करना था।
मुख्य प्रस्तुतियाँ और व्याख्यान
- प्राचार्य आरके चोलकर ने पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर घूमने से होने वाले मौसमी बदलावों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया।
- अंकित मिश्रा ने अपने मुख्य व्याख्यान में अंतरिक्ष के इतिहास, अनुसंधान, और विभिन्न ग्रहों, उपग्रहों और ब्लैक होल की रोचक जानकारी प्रोजेक्ट के माध्यम से दी।
- वरिष्ठ व्याख्याता पल्लवी नरवरे ने छात्रों को इसरो में करियर बनाने के लिए आवश्यक योग्यताओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।
- श्रीमती विद्यावती सूर्यवंशी ने तारामंडल उज्जैन और डूंगला खगोलीय वेधशाला के शैक्षिक भ्रमण की जानकारी दी।
- व्याख्याता प्रवेश चौरे ने अंतरिक्ष यात्रा के लिए ज़रूरी रॉकेट और स्पेस सूट के बारे में बताया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और 100 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित थे, जिन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रगति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।









