होशंगाबाद। वनसंरक्षक एवं पदेन वन मंडल अधिकारी वनमंडल सामान्य होशंगाबाद लालजी मिश्रा (Laal Ji Mishra) ने बताया है कि 1 अगस्त 2021 से नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम (National Transit Pass System) लागू किया है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली ट्रांजिट पास को निर्बाध जारी करने की सुविधा प्रदान करती है। साथ ही निजी भूमि/सरकारी/निजी डिपो से लकड़ी और बांस के इंटर स्टेट/इंट्रा स्टेट परिवहन के लिए पारगमन के लिए जारी परमिट के रिकॉर्ड का संधारण एवं निगरानी रखने में मदद करती है।
नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम एक रोल आधारित और कार्य प्रवाह आधारित एप्लिकेशन है, जो डेस्कटॉप आधारित वेब पोर्टल के साथ-साथ मोबाइल एप्लिकेशन के रूप में उपलब्ध है। वेब पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से ट्रांजिट परमिट या अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन जमा करना, प्रजातियों की श्रेणी के आधार पर ट्रांजिट परमिट या एनओसी को ऑनलाइन जारी करना, ई-भुगतान प्रणाली टीपी डाउनलोड करने से पहले मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।
मिश्रा ने बताया कि नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम से वन कार्यालयों में जाए बिना लकड़ी एवं बांस के लिए ट्रांजिट परमिट शीघ्र जारी करना, ऑनलाइन ट्रांजिट प्रणाली द्वारा मेनुअल पेपर आधारित ट्रांजिट प्रणाली को बदलना, व्यापार करने में आसानी के लिए लकड़ी और बांस के ट्रांजिट के लिए पूरे भारत के लिए एक परमिट, मोबाइलएप की मदद से मूल स्थल से गंतव्य स्थल तक राज्य की सीमाओं पर निर्बाध आवाजाही, लकड़ी और बांस उत्पादक किसानों और ट्रांसपोर्टरों को परमिट प्राप्त करने और वन चेक पोस्टों पर आने वाली कठिनाईयों को रोकना, कृषि वानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा परिवहन लागत और समय की बचत से किसानों और व्यापारियों को लाभ होगा और इससे किसानों को आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।








