इटारसी। केंद्र सरकार के नए लेबर कानून और निगमीकरण की नीतियों के विरोध में आज बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का इटारसी में मिला-जुला असर देखने को मिला। कहीं कार्यालयों में कामकाज सामान्य रहा, तो कहीं ताले लटके नजर आए। इस आंदोलन का सबसे मुखर चेहरा इंटक रहा, जिसने आयुध निर्माणी के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया।
आयुध निर्माणी के गेट पर हल्लाबोल
हड़ताल का सबसे व्यापक प्रभाव आयुध निर्माणी इटारसी के गेट पर देखा गया। आयुध निर्माणी मजदूर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की। यूनियन ने अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर हुंकार भरी, जिसमें नए श्रम कानूनों की वापसी, निगमीकरण पर रोक, पुरानी पेंशन बहाली, अनुकंपा नियुक्ति और रिक्त पदों पर जल्द भर्ती शामिल है।
बैंक में बंद का नोटिस, 100 किमी दूर से आई महिला परेशान

शहर के बैंकिंग क्षेत्र में हड़ताल का असर ग्राहकों पर भारी पड़ा। बैंक ऑफ इंडिया के गेट पर बंद का नोटिस चस्पा रहा। शटर खुले होने के बावजूद कोई लेनदेन नहीं हुआ। इस दौरान बनखेड़ी से करीब 100 किलोमीटर का सफर तय कर बैंक पहुंची आशा मांडले ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, मुझे हड़ताल की जानकारी नहीं थी। अपना पुराना खाता चालू कराने आई थी, लेकिन अब खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।
अन्य संस्थानों की बात करें तो डाकघर में कामकाज सामान्य रहा। भारतीय जीवन बीमा निगम में एक संगठन के हड़ताल पर रहने से कार्य आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। वहीं, रेलवे परिचालन पर इस आंदोलन का कोई खास असर देखने को नहीं मिला।
इस आंदोलन में देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। हड़ताल का प्रभाव शहर में उतना व्यापक नहीं हो सका जितनी उम्मीद की जा रही थी।









