नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से इस वर्ष भी नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर 24 और 25 जनवरी को निर्झरणी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोडऩे के उद्देश्य से मनाया जा रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
सेठानी घाट पर दोनों दिन शाम 6 बजे से रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। 24 जनवरी भोपाल की श्वेता शर्मा एवं साथियों द्वारा नर्मदा केंद्रित नृत्य नाटिका और मुंबई के रवि त्रिपाठी एवं ग्रुप द्वारा भक्ति गायन, 25 जनवरी भोपाल के फूलसिंह मांडरे एवं साथियों द्वारा बुंदेली लोकगायन और मुंबई की माधवी मधुकर झा द्वारा भक्ति गायन होगा। इन सभी कार्यक्रमों में प्रवेश निशुल्क रहेगा।
गौरव दिवस और नए प्रवेश द्वार की सौगात
25 जनवरी को नर्मदापुरम का गौरव दिवस भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर के नवीन प्रवेश द्वार का लोकार्पण करेंगे। राजस्थान के धौलपुर पत्थरों से निर्मित इस द्वार के पास मां नर्मदा की 5 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। 9 फीट ऊंचा भव्य त्रिशूल लगाया गया है। यह संरचना शहर को एक नई धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान देगी।
घाटों का सौंदर्यीकरण
महोत्सव के लिए शहर के सभी घाटों को सतरंगी रंगों और विद्युत सज्जा से सजाया गया है। घाटों की दीवारों पर आध्यात्मिक कलाकृतियां उकेरी गई हैं। मुख्य आयोजन स्थल सेठानी घाट को विशेष रूप से आकर्षक बनाया गया है।
सेठानी घाट क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध
मुख्यमंत्री के आगमन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव रंजन पांडे ने धारा 144 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163) के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। 25 जनवरी को मुख्य कार्यक्रम स्थल सेठानी घाट के 1000 मीटर के दायरे में ड्रोन, पैराग्लाइडर और रिमोट कंट्रोल विमान उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, यह प्रतिबंध मुख्यमंत्री के आगमन से आधा घंटा पहले और प्रस्थान के आधा घंटे बाद तक प्रभावी रहेगा, नियम तोडऩे वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध सरकारी कार्यों में लगे ड्रोन पर लागू नहीं होगा।









