- अब प्रशासन बिछायेगा 900 मीटर का ‘सेफ्टी कवच’
इटारसी। इंदौर की त्रासदी से सबक लेते हुए इटारसी प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस मोड पर है। शहर की पाइपलाइनों में घुल रहे धीमे जहर यानी दूषित पानी के खिलाफ नगर पालिका अध्यक्ष और एसडीओ ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को न्यास कॉलोनी और वार्ड 34 की गलियों में जब प्रशासनिक अमला उतरा, तो बदइंतजामी की ऐसी परतें खुलीं जिन्होंने अफसरों को भी हैरान कर दिया।
अवैध निर्माणों की बलि चढ़ी व्यवस्था
निरीक्षण में यह कड़वा सच सामने आया कि जिन पाइपलाइनों से शहर की प्यास बुझनी थी, वे कई जगह लोगों के पक्के मकानों और सीवरेज लाइनों के नीचे दम तोड़ चुकी थीं। लीकेज ढूंढना नामुमकिन था, इसलिए प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए पुरानी लाइनों को काटकर अलग करने और 900 मीटर नई ओपन पाइपलाइन बिछाने का फैसला लिया है।
न्यास कॉलोनी के 3 डेथ पॉइंट्स पर कड़ा प्रहार
प्रशासन ने उन तीन प्रमुख इलाकों को चिन्हित किया है जहां से गंदे पानी की सबसे ज्यादा शिकायतें थीं।
- बम बाबा दरबार : यहां के दूषित सर्किट को तत्काल काटकर बंद किया गया, जिससे 50 प्रतिशत सुधार का दावा है।
- पत्रकार पुनीत दुबे क्षेत्र : 20 प्रभावित घरों की समस्या दूर करने हेतु नई लाइन का जाल बिछेगा।
- बड़ा मैदान : यहां शुरुआती सप्लाई में आने वाले मटमैले पानी को रोकने के लिए तकनीकी बदलाव शुरू।
एक्शन प्लान : 30 दिन, 900 मीटर और शुद्ध जल

- न्यास कॉलोनी 500 मीटर ओपन लाइन, काम शुरू, इसी माह लक्ष्य पूरा होगा
- वार्ड 34 मस्जिद से कनौजिया आवास, 400 मीटर, मंजूरी के साथ सर्वे पूर्ण
- धौंखेड़ा प्लांट : ब्लीचिंग और क्लीनिंग, एसडीओ की मौजूदगी में शुद्धिकरण जारी
ग्राउंड जीरो पर कमान: अफसरों ने खुद खड़े होकर कराई ब्लीचिंग
शुक्रवार की सुबह इटारसी के लिए एक्शन वाली रही। एसडीओ राजस्व नीलेश शर्मा खुद धौंखेड़ा जल संयंत्र और खेड़ा समवेल पहुंचे। उन्होंने कागजी घोड़े दौड़ाने के बजाय मौके पर खड़े होकर ब्लीचिंग करवाई। श्री शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा, आम जन को शुद्ध पानी देना हमारी प्राथमिकता है, इसमें लापरवाही करने वालों की अब खैर नहीं।
अस्थायी राहत : जब तक 900 मीटर का यह नया जाल नहीं बिछ जाता, तब तक सब इंजीनियर आदित्य पांडेय और उनकी टीम ने ट्यूबवेल के जरिए 3 सार्वजनिक नलों से साफ पानी की सप्लाई सुनिश्चित की है।
जनता को नारकीय जीवन से मिलेगी मुक्ति
यह केवल पाइपलाइन बिछाने का काम नहीं है, बल्कि उन अवैध निर्माणकर्ताओं को एक संदेश भी है जिन्होंने सरकारी संपत्तियों पर कब्जे कर शहर की सेहत को खतरे में डाला। अब उम्मीद है कि इसी महीने के भीतर इटारसी के इन वार्डों के घरों में बीमारी नहीं, शुद्धता की धार बहेगी।
इनका कहना है…
हमने पारदर्शी व्यवस्था के लिए ओपन पाइपलाइन को चुना है। अब न लाइन दबेगी, न लीकेज छुपेंगे।
पंकज चौरे, अध्यक्ष, नगर पालिका









