इटारसी। प्रदेश में लागू हुए नए ऑनलाइन वेब जीआईएस 2.0 पोर्टल में आ रही तकनीकी और व्यवहारिक समस्याओं को लेकर पटवारियों ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। प्रांतीय पटवारी संघ की ओर से सौंपे गए इस ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो पटवारी प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन में बताया गया है कि नए पोर्टल में कई तकनीकी विसंगतियां होने के कारण कार्य संपादन में भारी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे आम किसान भी परेशान हो रहे हैं। शिकायतें सीधे सीएम हेल्पलाइन पर जा रही हैं, जिसका खामियाजा पटवारियों को भुगतना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख समस्याओं को बिंदुवार उठाया गया है।
इन बिंदुओं को उठाया
- मोबाइल नंबर और ओटीपी की अनिवार्यता : नए पोर्टल में भूमिस्वामियों के लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ ने इसे वैकल्पिक करने की मांग की है।
- नक्शे संबंधी समस्याएं : 5 डेसिमल से छोटे नक्शों का बटांकन अनिवार्य करना भू-राजस्व नियमों के विरुद्ध है। इसके अलावा, पोर्टल में यह पता नहीं चल पाता कि किन नक्शों या शाब्दिक सर्वेक्षणों का काम शेष है।
- अधिकारिता का हनन : एक ही व्यक्ति के दो खातों को एक करने (खाता विलय) का अधिकार पटवारी के पास होता है, लेकिन नए पोर्टल में इसके लिए तहसीलदार की आईडी से अनुमोदन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी तरह, अनुविभागीय अधिकारी (SDO) के आदेशों का पालन करने के लिए भी कलेक्टर की आईडी से अनुमोदन की आवश्यकता पड़ती है, जिससे बेवजह देरी होती है।
- प्रशिक्षण में कमी : पटवारियों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण को अपर्याप्त बताया। उन्होंने तहसील स्तर पर ऑफलाइन और पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षकों के साथ प्रशिक्षण आयोजित करने की मांग की है।
- अन्य मांगें : ज्ञापन में महिला पटवारियों के लिए शौचालय, स्वामित्व योजना और लैपटॉप भुगतान की लंबित राशि का भुगतान, और सेवा पुस्तिका को अद्यतन करने जैसी समस्याओं को भी शामिल किया है।
संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि इन समस्याओं के कारण किसी भी पटवारी पर अनुचित कार्रवाई जैसे निलंबन या वेतन रोकने का कदम उठाया जाता है, तो इसके विरोध में पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा।









